झांसी। स्पेशल टास्क फोर्स की झांसी में पहली बार बृहस्पतिवार को कोई मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में एसटीएफ ने दो इनामिया बदमाशों को ढेर कर दिया। वहीं, तीन साल पहले झांसी में हुई मुठभेड़ में पुष्पेंद्र यादव की पुलिस की गोली से मौत हो गई थी। बाद में यह मामला विवादों में भी घिर गया। पुलिस जहां पुष्पेंद्र को अपराधी बताते हुए एनकांउटर करने की बात कहती रही, वहीं पुष्पेंद्र के परिजन उसकी हत्या का आरोप लगा रहे थे। इस मामले में मोंठ के तत्कालीन इंस्पेक्टर धर्मेद्र चौहान के खिलाफ नामजद रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है।
अक्तूबर 2019 में हुई इस मुठभेड़ के बाद पुलिस काफी समय तक खामोश रही। उसके बाद पुलिस पिछले साल दोबारा सक्रिय हुई। इस दौरान पुलिस ने कुल 19 एनकाउंटर अलग-अलग स्थानों पर किये, लेकिन इसमें किसी की जान नहीं गई। अपराधी पुलिस की गोली से सिर्फ घायल ही हुए। करीब तीन साल बाद यह पहला मौका है जब एनकांउटर के दौरान दो बदमाश ढेर हो गए।
पिछले दो साल में पुलिस की जिनके साथ मुठभेड़ हुई उनमें डकैती कांड, लूट कांड एवं हत्या में वांछित बदमाश शामिल हैं। इसी माह पुलिस ने गुरसराय एवं टोड़ी फतेहपुर में डकैती कांड के वांछित बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस के हाथ आठ बदमाश आए, लेकिन इन बदमाशों के घुटने के पास गोली लगने से यह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अफसरों का कहना है कि यह पहला मौका है जब एसटीएफ ने झांसी में आकर किसी बदमाश से मुठभेड़ की।