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Jhansi News: ठेंगे पर मानक... जान जोखिम में डाल रहे स्विमिंग पूल

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अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। नियम-कानून ताक पर रख शहर में चार स्विमिंग पूल चल रहे हैं। इनका न पंजीकरण है न जरूरी सुविधाएं। कामर्शियल उपयोग के बाद भी इन पर टैक्स नहीं लग रहा है। यहां लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं है। लोगों की जान से खिलवाड़ कर उन्हें स्विमिंग पूल में उतारा जा रहा है। बृहस्पतिवार को स्विमिंग पूल में हुए हादसे के बाद जब इनके संबंध में जानकारी ली गई तो हकीकत सामने आ गई।
शासन ने स्विमिंग पूल संचालित करने के लिए नियम निर्धारित कर रखे हैं। मानक अनुरूप निर्माण करने के साथ ही जिला खेलकूद विभाग में पंजीकरण के लिए आवेदन करना होता है। फायर ब्रिगेड व पुलिस विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने और खेल विभाग से एनओसी के बाद ही इसके संचालन की अनुमति दी जाती है। लेकिन, यहां बिना मानक पूरे किए स्विमिंग पूल चल रहे हैं। इनमें किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। दूर वाटर ट्यूब तक नहीं है। कुछ में तो गार्ड व देखरेख करने वाला भी नहीं है।
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कमाई के चक्कर में गेट पर ही 60 से 80 रुपये तक की पर्ची देकर अंदर भेज दिया जाता है। बृहस्पतिवार को एक स्विमिंग पूल में डूबकर चौकाबाग निवासी 13 वर्षीय कृष्णा की मौत हो गई थी। अब एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने स्विमिंग पूलों पर सुरक्षा के इंतजाम का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।

स्विमिंग पूल संचालन के ये हैं नियम
- स्विमिंग पूल में आपात स्थिति से निपटने के लिए दो लाइफ जैकेट होनी चाहिए।
- खेल निदेशालय से इसके संचालन के लिए अनुमति होना जरूरी है।
- दो ऑक्सीजन सिलिंडर, दो कृत्रिम सांस यंत्र होना आवश्यक है।
- पूल में फिल्टर प्लांट होना चाहिए, इसको प्रतिदिन चार से पांच घंटे चलाया जाए।
- स्विमिंग पूल संचालित करने के लिए कोच होना चाहिए, जो राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय खिलाड़ी हो।
- प्रत्येक स्विमिंग पूल के लिए दो लाइफ गार्ड, जो भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा प्रमाणित हो, का होना जरूरी होता है।
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इन स्थानों पर चल रहे स्विमिंग पूल
- तालाबपुरा में डोंडाघाट के पास
- डैम रोड आजादपुरा की गली में
- शहर में इलाइट चौराहा के पास
- चांदमारी क्षेत्र में
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स्विमिंग पूल संचालित करने के लिए लेनी होती एनओसी
स्विमिंग पूल संचालित करने के लिए फायर ब्रिगेड व पुलिस कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है। इन विभागों से एनओसी मिलने के बाद जिला स्पोर्ट स्टेडियम में संंबंधित विभाग को निर्धारित पंजीयन का शुल्क जमा करना होता है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा मानकों की जांच होती है। जांच में सभी मानक पूर्ण पाए जाने पर अनुमति मिल जाती है।

शहर में स्विमिंग पूल संचालन की जानकारी नहीं है। अब तक किसी का आवेदन नहीं आया है। शनिवार को स्विमिंग पूलों की जानकारी लेकर निरीक्षण करूंगी। यदि मानक अनुसार नहीं मिले तो कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।-रेखा रावत, जिला क्रीड़ा अधिकारी
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नगर पालिका क्षेत्र के मुख्यमार्ग पर कामर्शियल टैक्स 64 पैसे प्रति वर्ग फीट की दर से जमा करना होता है, लेकिन अभी तक स्विमिंग पूल के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। अब जांच कर इस पर व्यावसायिक कर लगाया जाएगा।-राजेंद्र प्रसाद, कर निर्धारण अधिकारी, नगर पालिका परिषद।
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