झांसी। पांच लाख के इनामिया बदमाश असद के साथ मुठभेड़ में एसटीएफ टीम ने कुल नौ गोलियां दागीं। इसका खुलासा उपाधीक्षक नवेंदु कुमार की ओर से बड़ागांव थाने में दर्ज हुई एफआईआर से हुआ है। इस एफआईआर में बताया गया कि एसटीएफ को उमेश हत्याकांड में वांछित पांच-पांच लाख के दो बदमाशों के झांसी शहर एवं आसपास के कस्बों में छिपे होने की सूचना मिली थी। 13 अप्रैल को नवेंदु कुमार समेत इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह, दरोगा विनय तिवारी, पंकज तिवारी, कमांडो सोनू, अरविंद कुमार, चालक अखंड प्रताप पांडेय एवं दूसरी टीम में पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार सिंह समेत इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र कुमार राय, भूपेंद्र सिंह, सुशील कुमार, सुनील कुमार, कमांडो दिलीप कुमार यादव, चालक उपेंद्र तिवारी झांसी में थे। इस दौरान एसटीएफ टीम को असद एवं गुलाम के बुधवार रात चिरगांव में मौजूद होने की सूचना मिली। सीओ विमल कुमार की टीम बड़ागांव एवं नवेंदु कुमार की टीम चिरगांव में तलाश रही थी। चिरगांव में मालूम चला कि असद एवं गुलाम बिना नंबर की काली और लाल रंग की डिस्कवर मोटर साइकिल से चिरगांव से निकलकर पारीछा जा रहे हैं। असद सफेद रंग का पाठन शूट एवं काली टोपी पहने है जबकि गुलाम ने लोवर एवं डाक ग्रीन टी शर्ट पहनी हुई है। करीब 11.30 बजे पुलिस टीम रवाना हुई। पारीछा बांध के मोड़ से करीब 100 मीटर पहले पहुंचा था तभी असद एवं गुलाम नजर आए। पुलिस टीम ने उनकी बाइक को ओवर टेक किया तब यह दोनों पारीछा बांध मोड़ के आगे कच्चे रास्ते पर भागने लगे। जब उनको रोकने की कोशिश की गई तब उनकी गाड़ी करीब 1.5 दूर जाकर बबूल के पेड़ के पास फिसल गई। दोनों बदमाश फायरिंग करने लगे। इसके बाद एसटीएफ टीम में शामिल आठ पुलिस कर्मियों ने अपनी-अपनी पिस्टल से जवाब फायरिंग की। एसटीएफ टीम की ओर से नौ फायर किए गए। इनमें दो गोली असद को लगी जबकि एक गोली में गुलाम ढेर हो गया।