टोड़ी फतेहपुर। नगर के मुहल्ला बड़ागंज निवासी डॉ. तिवारी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत तीन किलोवाट का सोलर संयंत्र लगवाया था। शुरुआत के दो महीनों तक उन्हें 700 से 800 रुपये मासिक बिल आया। जब इस पर आपत्ति जताई गई तो विभाग की ओर से बताया गया कि यह पिछला बकाया बिल है। बकाया बिल जमा करने के बाद भी तीसरे महीने से नेट मीटर के आंकड़े अपने आप बदलने लगे। सोलर पैनल से बनने वाली बिजली (एक्सपोर्ट यूनिट) अचानक आधे से भी कम दिखने लगी, जबकि रात के समय ग्रिड से ली जा रही बिजली की मात्रा (इंपोर्ट यूनिट) बेहिसाब बढ़ती चली गई। क्षेत्र के डॉ. चंचल मलिक, रूपम चौरसिया, राजदेव समाधिया, ठाकुरदास दांगी आदि सहित अन्य सोलर प्लांट उपभोक्ताओं को भी इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समाधान की मांग की है। संवाद