- सोलर पैनल से रोशन होगा 296 किमी लंबा हाईवे ई-व्हीकल भी होंगे चार्ज
- ग्रिड में भी जाएगी बिजली, एक लाख घरों को मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे सौर ऊर्जा उत्पादन का गलियारा बनेगा। 296 किमी लंबा यह हाईवे सोलर पैनल से रोशन होगा। साथ ही ई-व्हीकल भी चार्ज हो सकेंगे। इसके अलावा ग्रिड में भी बिजली भेजी जाएगी। एक्सप्रेस-वे पर पैदा होने वाली बिजली से लगभग एक लाख घर रोशन हो सकेंगे। बिजली का उत्पादन पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। उप्र एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से इसकी तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास का मार्ग माना जाता है। यह बुंदेलखंड के चित्रकूट से शुरू होकर इटावा तक जाता है और वहां जाकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे में मिल जाता है। आने वाले दिनों में यह एक्सप्रेस-वे सौर ऊर्जा उत्पादन का भी बड़ा हब बनने जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के इर्दगिर्द पीपीपी मॉडल पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए यूपीडा की ओर से 1700 हेक्टेअर जमीन चिह्नित कर ली गई है। यहां 550 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना है। बिजली से एक्सप्रेस-वे की स्ट्रीट लाइट जलाई जाएंगी। इस सड़क पर पड़ने वाले टोल प्लाजा पर भी सभी काम सौर ऊर्जा से होंगे। इसके अलावा ई-व्हीकल की चार्जिंग के लिए जगह-जगह चार्जिंग प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। यहां पैदा होने वाली बिजली ग्रिड में भी भेजी जाएगी, जिससे लगभग एक लाख घरों को बिजली दी जा सकेगी। यहां सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए आठ कंपनियों की ओर से यूपीडा को प्रस्ताव भी मिले हैं। योजना को अंतिम रूप देने के बाद जल्द धरातल पर काम शुरू करने की तैयारी है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से यहां के लोगों का आवागमन तो सुगम हुआ ही है, साथ ही आने वाले दिनों में क्षेत्र के औद्योगिक विकास में भी यह बड़ी भूमिका निभाएगा। इतना ही नहीं, सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन करने वाला यह प्रदेश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा। - मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग