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Jhansi News: सोशल मीडिया के आसमां में भरी उड़ान... बुंदेली संस्कृति को दिलाई पहचान

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस किस्त- 4
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बसु जैन
झांसी। तकनीक और सोशल मीडिया के इस दौर में सब कुछ आसान हो गया है। सोशल मीडिया के आसमां में बुंदेलखंड की महिलाओं और बेटियों ने जो उड़ान भरी है, उसका नतीजा है कि पूरी दुनिया आज बुंदेली संस्कृति और जायके को जान रही है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शृंखला में आज कुछ ऐसी ही शख्सियतों से आपको रूबरू करा रहे हैं, जिनका एक छोटा सा आइडिया सोशल मीडिया पर बुंदेलखंड की पहचान बन गया है। कोई दुबई, यूरोप और थाईलैंड में बुंदेली राई नृत्य का डंका बजा रही हैं, तो कोई बुंदेलखंड की धरोहरों की खासियत और प्राचीनता के बारे में दुनिया को बता रही है। कुछ ऐसी ही शख्सियतों की कहानी बताती है ये रिपोर्ट...।

बुंदेली राई नृत्य की दीवानी बन रही दुनिया
झांसी निवासी बेबी इमरान ने अपनी नृत्य प्रतिभा से यूं तो कई मुकाम हासिल किए हैं, लेकिन आज कल वे सोशल मीडिया के जरिए बुंदेली राई नृत्य और भाषा को दुनिया भर में पहुंचा रही हैं। करीब दो हजार से ज्यादा कार्यक्रमों में बुंदेली राई नृत्य कर चुकीं बेबी इमरान इंस्टाग्राम (10 लाख फॉलोअर्स) और यूट्यूब पर बुंदेली भाषा में रील्स और व्लॉग बनाती हैं। उन्होंने प्रतिभा का ऐसा परचम लहराया कि दुबई के भारतीय दूतावास में उन्होंने मई 2023 में बुंदेली राई नृत्य की प्रस्तुति दी और लोग वाह-वाह कर उठे। अब उनको यूरोप, थाईलैंड और स्विटजरलैंड में बुंदेली राई नृत्य करने का आमंत्रण मिला है। बेबी इमरान बताती हैं कि बुंदेलखंड की संस्कृति को आगे बढ़ाना उनका मकसद है। इसलिए वे रील्स और वीडियो बुंदेली भाषा और परिधान में बनाती हैं।
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बुंदेली धरोहरों का इतिहास सहेज रहीं सुमायला
आवास विकास कॉलोनी निवासी सुमायला अनीस बुंदेलखंड की धरोहरों का इतिहास अपनी वीडियो और व्लॉग्स के जरिए सहेज रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब पर वे बुंदेलखंड के प्रमुख स्थलों और झांसी की प्रमुख जगहों की जानकारी शेयर करती हैं। उनके यूट्यूब पर 47 हजार और इंस्टाग्राम पर आठ हजार फालोअर्स हैं। सुमायला बताती हैं कि उन्होंने दो साल पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शुरुआत की थी। लोगों को उनके वीडियो पसंद आए तो फॉलोअर्स बढ़ने लगे। बुंदेलखंड की संस्कृति और धरोहरों के बारे में लोग जानना चाहते हैं।
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बुंदेली जायके को दे रहीं बढ़ावा
शहर के मोहल्ला वैद्यराज निवासी मां-बेटी कुसुमलता जैन और अनुकृति जैन भी सोशल मीडिया के जरिए बुंदेली जायके के बारे में दुनिया को बता रही हैं। कोविड काल में ट्रीट फॉर टुडे नाम से शुरू किए गए इंस्टाग्राम अकाउंट पर वे बुंदेली खानपान और बेकरी से जुड़े उत्पादों की रील्स और वीडियो शेयर करती हैं। अनुकृति बताती हैं कि बुंदेलखंड का जायका अलग है। यहां बेकरी उत्पाद भी खूब पसंद किए जाते हैं। वे अपनी बेकरी में बनाई गई चॉकलेट और अन्य उत्पाद देश के कई प्रदेशों में भेज चुकी हैं। दुनियाभर से लोग उनकी रील्स पर कमेंट और मेसेज करके व्यंजन बनाने के तरीके भी पूछते हैं।
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