झांसी। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत महानगर के सोलह वार्डों में पंद्रह करोड़ से ड्रेनेज सिस्टम सुधारने का ठेका लेकर गुजराती कंपनी लापता हो गई है। अफसर इस कंपनी के अधिकारियों से बात करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं मगर संपर्क हो ही नहीं पा रहा है। यह कंपनी साल भर में महज पांच फीसदी ही काम कर सकी है। इस कंपनी की लापरवाही से अब नियत समय के भीतर यह प्रोजेक्ट पूरा हो पाना संभव नहीं है।
महानगर में ड्रेनेज सिस्टम बिगड़ा हुआ है। भूमिगत नालों के जरिए पानी की निकासी होती है। आए दिन नालों के चोक होने से जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। कई जगहों पर सड़कें भी इससे खराब हो रही हैं। झांसी महानगर की इस सबसे बड़ी समस्या को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत दूर करने का प्लान बनाया गया। एक गुजराती कंपनी को 15 करोड़ में ड्रेनेज सिस्टम सुधारने का ठेका दिया गया था।
इन वार्डों में सुधारा जाना है ड्रेनेज सिस्टम
मसीहागंज, आजादगंज, नानकगंज, सिविल लाइंस पश्चिमी, सिविल लाइंस दक्षिणी, सीपी मिशन, मुकरयाना, सिविल लाइंस प्रथम, खुशीपुरा प्रथम, तालपुरा प्रथम, तालपुरा द्वितीय खुशीपुरा द्वितीय समेत कुल सोलह वार्ड मेें ड्रेनेज सिस्टम को सुधारा जाना है।
पिछले साल हुआ था ग्लोबल टेंडर
झांसी। पिछले वर्ष 2021- 22 में ग्लोबल टेंडर कराया गया था। कई कंपनियों ने हिस्सा लिया जिसमें गुजरात की निर्माण एजेंसी शिल्प कला ग्रुप को टेंडर मिला। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद कंपनी ने काम शुरू किया लेकिन, करीब पांच प्रतिशत काम पूरा करने के बाद कंपनी ने काम बंद कर दिया। इससे ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने का यह प्रोजेक्ट फंसता नजर आ रहा है।
बोले अफसर, कंपनी के अफसरों से नहीं हो पा रहा संपर्क
झांसी। स्मार्ट सिटी मिशन के महाप्रबंधक अरूण कुमार का कहना है कि कंपनी के अफसरों से लगातार संपर्क करने की कोशिश हो रही है मगर संपर्क हो ही नहीं पा रहा है। अगर फोन करते हैं तो वह भी रिसीव नहीं हो रहा। इतना ही नहीं कई दफा मेसेज और मेल के जरिए भी संपर्क साधने की कोशिश हुई लेकिन कोई जवाब आज तक नहीं आया है। गुजरात वाले पते पर पत्र भेजे गए लेकिन उसका भी जवाब नहीं आया। कुछ दिनों के भीतर जवाब न मिलने पर उसे ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।