अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अतिक्रमण रोधी दस्ते की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को पार्षदों ने नगर निगम में नारेबाजी की। पार्षदों ने आरोप लगाया कि दस्ता इलाहाबाद बैंक चौराहे पर स्थित दुकान को अवैध बता रहा था। वहीं, निगम अधिकारी ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि टीम अतिक्रमण हटाने के लिए गई थी। इलाहाबाद बैंक चौराहा पर श्यामलाल कुशवाहा की पान की दुकान है। श्यामलाल का कहना है कि वह कई दशकों से यहां किराये पर दुकान लिए हैं। कहा कि 2018 में ये दुकान छह फीट आगे से तोड़ दी गई थी। अब दुकान की गहराई चार फीट बची है। दुकान के सहारे ही वो अपनी रोजी रोटी चलाते हैं। मंगलवार को अतिक्रमण रोधी दस्ता दुकान पर पहुंचा और कहने लगा कि दुकान अवैध है। नगर निगम की जमीन पर बनी है। इसके बाद उसने अपने दस्तावेज दिखाए। मामले की सूचना मिलने पर पार्षद महेश गौतम, विकास खत्री, कन्हैया कपूर, लखन कुशवाहा, उमेश जोशी, संजीव गुप्ता, प्रवीण लखेरा, राहुल कुशवाहा, आशीष रायकवार, सिद्धार्थ अहिरवार, सतेंद्र पुरी आदि नगर निगम पहुंचे। महापौर बिहारी लाल आर्य से मुलाकात की। महेश का कहना है कि जब नगर निगम की जमीन ही नहीं है तो दस्ता कैसे अवैध बता रहा है। दूसरी तरफ, जब दस्ता के अधिकारियों से बात करने पार्षद पहुंचे तो उनसे गलत तरीके से बात की। इसके बाद पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस मामले में अपर नगर आयुक्त मो. कमर का कहना है कि टीम दुकान के आगे अस्थायी अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। टीम के कहने पर दुकानदार ने खुद ही अतिक्रमण हटा दिया। किसी ने दुकान को अवैध नहीं बताया है।र