फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: ठंड में दोगुने हो गए स्केबीज के मरीज, त्वचा पर खुजाते-खुजाते हो रहे जख्म

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। सर्दियों में स्केबीज के मरीज दोगुने हो गए हैं। हाल ये है कि त्वचा पर खुजाते-खुजाते मरीजों को जख्म हो जा रहे हैं। तीन महीने के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इस बीमारी की चपेट में आकर त्वचा रोग विशेषज्ञों को दिखाने पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

स्केबीज की बीमारी माइट नामक कीड़ा के काटने से होती है। त्वचा रोग विशेषज्ञों के मुताबिक ये बीमारी एक से दूसरे में फैलते हुए परिवार के सभी सदस्यों को भी हो जाती है। चूंकि, सर्दियों में लोग एक ही रजाई, कंबल का इस्तेमाल करते हैं। एक-दूसरे के कपड़े भी इस्तेमाल करते हैं। इसलिए सर्दियों में इस बीमारी के मरीज काफी बढ़ जाते हैं। इस बीमारी में पानी भरकर दाने आते हैं। जो लोग इलाज नहीं कराते हैं और लगातार खुजलाते रहते हैं तो फिर त्वचा पर जख्म हो जाता है। सर्दियों में त्वचा रोग विशेषज्ञों के पास गर्मियों के मुकाबले दोगुने मरीज इस बीमारी का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि परिवार में किसी एक सदस्य को बीमारी हो तो इलाज के बाद ठीक होने तक उसके संपर्क में न आएं।
ये हैं लक्षण
- पानी भरकर त्वचा पर दाने होना
- तेज खुजली खासकर रात में
- शाम, रात में खुजली बढ़ जाना।
- खुजाते-खुजाते हो जाते जख्म फिर पकने लगते हैं।
ये बोले विशेषज्ञ
......................
इन दिनों रोजाना 12 से 15 स्केबीज के मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। इस बीमारी का इलाज बहुत सस्ता होता है। 70-80 रुपये का लोशन सप्ताह में दो बार लगाने पर बीमारी ठीक हो जाती है। मगर इलाज न कराकर कई लोग खुजाते रहते हैं। त्वचा पर जख्म हो जाते हैं और फिर लंबा इलाज चलता है। - डॉ. प्रतीक शिवहरे, त्वचा रोग विशेषज्ञ।
विज्ञापन

माइट (कीड़ा) के काटने से स्केबीज की बीमारी होती है। सर्दियों शुरू होने से पहले इसके रोजाना 10 से 12 मरीज आते थे। अब उनकी संख्या बढ़कर 20 से 25 हो गई है। एक व्यक्ति को बीमारी होती है तो परिवार के पूरे सदस्य इसकी चपेट में आ जाता हैं। - डॉ. नीरज श्रीवास्तव, त्वचा रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें