छनियापुरा निवासी अब्दुल वहीद ने अदालत में वाद दायर किया था, जिसमें बताया था कि उन्होंने नई बस्ती निवासी पुष्पेंद्र यादव को एक लाख दो हजार रुपये उधार दिए थे। इसके एवज में पुष्पेंद्र ने चेक दी थी, जो तय तिथि पर बैंक में लगाने पर खाते में पर्याप्त धनराशि न होने की वजह से बाउंस हो गई थी।
झांसी में अतिरिक्त न्यायालय के पीठासीन अधिकारी दिलीप सिंह की अदालत ने उधार में ली गई एक लाख दो हजार रुपये की रकम न लौटाने पर अभियुक्त को छह महीने के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा डेढ़ लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
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छनियापुरा निवासी अब्दुल वहीद ने अदालत में वाद दायर किया था, जिसमें बताया था कि उन्होंने नई बस्ती निवासी पुष्पेंद्र यादव को एक लाख दो हजार रुपये उधार दिए थे। इसके एवज में पुष्पेंद्र ने चेक दी थी, जो तय तिथि पर बैंक में लगाने पर खाते में पर्याप्त धनराशि न होने की वजह से बाउंस हो गई थी। इसके बाद रकम की अदायगी के लिए पुष्पेंद्र को नोटिस भी जारी किए गए थे।
बावजूद इसके उधारी चुकता नहीं की। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त पुष्पेंद्र यादव को छह माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख पचास हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख दो हजार रुपये परिवादी को बतौर क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए।