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कोरोना ने सीपरी ओवरब्रिज का काम खींचा

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कोरोना महामारी के चलते सीपरी बाजार ओवरब्रिज का काम इस साल भी पूरा होने की कम उम्मीद है। इस महामारी ने नया ठेका लेने वाली कंपनी के दिल्ली स्थित फैक्ट्री में ताला डलवा दिया है। काम करने के लिए कर्मचारी नहीं है। इससे गार्डर बनाने का काम ठप हो गया है। बिना गार्डर के ओवरब्रिज का काम आगे बढ़ना मुश्किल है। सीपरी बाजार ओवरब्रिज का निर्माण शहर के लिए एक समस्या बन गया है। एक के बाद एक व्यवधानों के चलते छह साल में भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अधूरा काम पूरा कराने की जिम्मेदारी नई कंपनी के पास आने के बाद उम्मीद जगी थी कि इस साल ओवरब्रिज से गाड़ियां फर्राटे भरने लगेेंगी, लेकिन कोरोना महामारी ने काम पर फिर ब्रेक लगा दिया है। दरअसल, अभी पटरियों के ऊपर 50 मीटर के छह और सीपरी बाजार टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम बाकी रह गया है। 36 मीटर के गार्डर आ गए हैं। नई कंपनी को दिल्ली स्थित अपनी फैक्ट्री में 50 मीटर के गार्डर अभी बनाना है। यह काम शुरू होता, इसके पहले ही कोरोना महामारी के चलते फैक्ट्री में काम बंद हो गया। ऐसी स्थिति में इस साल ओवरब्रिज का काम पूरा हो सकेगा, इसकी कम उम्मीद लग रही है। सीपरी बाजार ओवरब्रिज के अधूरे काम को पूरा करने के लिए नया टेंडर गैलविनो कंपनी को दिया गया है। कंपनी को अधूरा काम 10.50 करोड़ रुपये में पूरा करना है। कंपनी खुद अपने कारखाने में बाकी बचे दस गार्डर बना रही है। वहीं, पूर्व की कंपनी ने 50 मीटर के दो बड़े गार्डर बनवाकर झांसी मंगवा लिए थे, जो अब वापस भेजे जाएंगे। उनको भी नई डिजाइन के हिसाब से तैयार किया जाएगा। ये काम बाकी अभी पटरियों के ऊपर 50 मीटर के छह और सीपरी बाजार टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम बाकी रह गया है। 36 मीटर के गार्डर आ गए हैं। 50 मीटर के गार्डर आने के बाद एक साथ ही काम शुरू होगा। गार्डर रखने के बाद सड़क बनाने का काम होगा। इस हिसाब से अगस्त तक काम खींचने की संभावना है।
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