अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शनिवार दोपहर शाहजहांपुर के तालौड़ गांव में नाला खोदाई को पहुंची राजस्व एवं पुलिस टीम के सामने जमकर हंगामा हुआ। नाला खोदाई का विरोध करते हुए एक दुकानदार ने अफसरों के सामने ही जहर निगल लिया। कुछ देर बाद वह अचेत हो गया। यह देख वहां मौजूद अफसरों के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया हालांकि अब उसकी हालत खतरे से बाहर है। वहीं, दुकानदार के परिजनों ने दरोगा पर मारपीट का आरोप लगाया है लेकिन, पुलिस इससे इन्कार कर रही है।
तहसील मोंठ के अंतर्गत आने वाले तालौड़ गांव में बारिश के दौरान जलनिकासी न होने से खेत में पानी भरता है। फसल खराब होने की लोगों ने शिकायत की थी। इसके निदान के लिए यहां नया नाला बनाया जाना था। नाले की प्रस्तावित जगह के एक हिस्से में श्रीराम राजपूत (45) की चाय-समोसे की अस्थाई दुकान है। शनिवार दोपहर करीब बारह बजे नायब तहसीलदार नसीम अख्तर की अगुवाई में दस्ता कार्रवाई के लिए यहां पहुंचा। प्रशासनिक टीम एवं पुलिस बल देखकर श्रीराम घबरा उठा। उसके परिजन भी वहां जुट गए और विरोध करने लग। श्रीराम बारिश का सीजन खत्म होने तक की मोहलत मांग रहा था। उसका कहना था बारिश में खोदाई से खेत में पानी भर जाएगा लेकिन, जब अफसरों ने जेसीबी बुला ली, तब श्रीराम घर के अंदर चला गया। यहां आकर उसने जहर निगल लिया। यह मालूम चलने पर अफरातफरी मच गई। परिजनों के बीच रोना-पिटना मच गया। श्रीराम को सरकारी गाड़ी से मेडिकल कॉलेज लाया गया। उधर, उसके परिवार की महिलाओं ने अफसरों को घेर लिया। मेडिकल कॉलेज में भर्ती श्रीराम की हालत कुछ देर बाद सामान्य हो गई। महिलाओं का आरोप था कि श्रीराम की पुलिस ने पिटाई की। श्रीराम का कहना था कि कार्रवाई के डर से उसने यह कदम उठाया।
प्रशासनिक टीम के साथ पुलिस वहां गई थी। पुलिस के साथ कोई विवाद नहीं हुआ। कोई मारपीट भी नहीं की गई। उसके जहरीला पदार्थ निगलने की जांच की जा रही है। - गोपीनाथ सोनी, एसपी आरए