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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रविवार को वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और राजा गंगाधर राव की शादी की 182 वीं सालगिरह धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विवाह की प्रतीकात्मक रस्में हुईं, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए।
अमर उजाला और महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत में पहले पं. गजानन खानवलकर ने राजा गंगाधर राव के प्रतीक को राजसी पगड़ी पहनाई। जबकि, महाराष्ट्रीयन समाज की महिलाओं ने परंपरानुसार द्वाराचार किया। इसके बाद राजसी जोड़े की भगवान गणेश के समक्ष विवाह की प्रतीकात्मक रस्में हुईं। तदुपरांत, शुभांगी डेग्वेकर, संगीता जोशी, पूर्णिमा नाफड़े, वंदना पराड़कर आदि ने राजसी जोड़े को आसन पर बैठाया। राजा गंगाधर की वशंज प्रीति नेवालकर व सुधा नेवालकर ने उन्हें राजसी दुशाला उढ़ाया। संस्कार भारती की बुंदेली परिधान में सजी हुई टोली ने बुंदेली वाद्ययंत्रों से रानी का स्वागत किया। महिला व्यापार मंडल की सदस्याओं ने बधाई गीत गाए। बाद में समिति के अध्यक्ष राजीव इंदापुरकर ने चित्रकला प्रतियोगिता व मेहंदी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर 1100 दीपों की रोशनी से झिलमिलाता नजर आया। कार्यक्रम का संचालन महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार ओझा ने किया।
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शिविर में जांचा स्वास्थ्य
रानी की शादी की सालगिरह के अवसर पर रविवार को श्री भोलेनाथ खाती बाबा साईं सेवा समिति की ओर से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों के दांत और आंखों की जांच की गई। इस मौके पर डा. देवेश रावत, डा. शशांक कोटिया, डा. केएन मिश्रा, डा. महेंद्र शर्मा, डा. सीएस गुप्ता आदि मौजूद रहे। संचालन समाजसेवी अज्जू मेहरोलिया ने किया और आभार बृजेंद्र साहू ने जताया। वहीं, बड़ाबाजार रामलीला मंच पर पूर्व पार्षद अरुण द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में दीपांजलि अर्पित की गई।