जिले के नगर निकायों में संचालित हो रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन और प्रबंधन का खर्च अब नगर निकाय खुद उठाएंगे। इसे लेकर शासन ने नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, जल निगम ने जिला समेत प्रदेश भर की निकायों में चल रहे सीवर प्लांट और नेटवर्क के रखरखाव, संचालन और प्रबंधन के लिए शासन से 49 करोड़ रुपये की मांग की थी। जिसे लेकर शासन स्तर से नगरीय निकाय निदेशालय को पत्र लिखकर धनराशि देने के लिए कहा गया था। अब तक यह राशि निदेशालय स्तर से ही जल निगम को दी जाती थी, लेकिन कोविड-19 के चलते निदेशालय ने धनराशि का भुगतान करने से मना कर दिया है। ऐसे में जल निगम की ओर से प्लांट का संचालन होने में असमर्थता जताई गई थी। अब शासन ने सभी नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों को पत्र लिखकर जल निगम को प्लांट के संचालन और रखरखाव के खर्च का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक डॉ. काजल ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोविड के चलते भुगतान कराया जा रहा है। राज्य वित्त का बजट मिलने के बाद यह व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। जिले के नगर निगम समेत 13 नगर निकाय इस मद में जल निगम को 1.40 करोड़ रुपये का भुगतान करेंगे। लेखाधिकारी राजकिशोर ने बताया कि अभी आदेश नहीं मिला है। शासन के निर्देश के बाद भुगतान की व्यवस्था की जाएगी।