झांसी। दहेज में पचास हजार रुपये की मांग पूरी न करने पर विवाहिता को जलाकर मार डालने पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसके पति, ससुर, सास एवं देवर को दोषी ठहराते हुए सभी को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इन सभी पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार पांडेय के मुताबिक हरिमोहन विश्वकर्मा निवासी जालौन ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसकी भतीजी मंजू की शादी 18 अप्रैल 2016 को पवन देव पुत्र राजकुमार विश्वकर्मा निवासी बड़ागांव गेेट बाहर मोहल्ला डडियापुरा के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद दहेज के लिए मंजू को परेशान किया जाने लगा। दहेज लोभियों ने 5 मार्च 2017 की शाम उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। उस समय मंजू गर्भवती थी। इसमें मंजू गंभीर रूप से झुलस गई थी। दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मंजू ने मरने से पहले इस घटना के पीछे पति पवन देव, सास कलावती, ससुर राजकुमार एवं देवर कपिल का हाथ बताया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 498 ए, 304 बी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करके विवेचना शुरू की। कोर्ट ने साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों पर लगे आरोप सही पाए। बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश फरीदा बेगम ने पति पवन देव समेत ससुर, सास एवं देवर को 498-ए के तहत तीन-तीन साल सश्रम कारावास समेत धारा 304-बी के तहत सात-सात साल की सजा सुनाई है। यह सभी सजा एक साथ चलेगी। इसके अलावा सभी को अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है।