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Jhansi News: फोटो पति की मौत के सात दिन बाद पत्नी ने भी दम तोड़ा

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झांसी। पति की मौत के सात दिन बाद पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। तेरह मार्च को युवक ने पत्नी से झगड़कर फांसी लगाकर जान दे दी थी। दुखी पत्नी ने भी उसी दिन फांसी लगा ली थी। मेडिकल कालेज में उसका इलाज चल रहा था। सोमवार को उसकी भी मौत हो गई। मां-बाप की मौत से उनका दस साल का बेटा बेसहारा हो गया।
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लहचूरा के गढ़वा गांव निवासी गजेंद्र सिंह पटेल (32) खेती करता था। करीब बारह साल पहले उसकी शादी मुनो देवी (30) से हुई थी। शादी के बाद मुनो को पति गजेंद्र के शराब पीने की बात मालूम चली थी। इसके बाद से दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। परिजनों के मुताबिक 11 मार्च को शराब पीने के बाद गजेंद्र और मुनो के बीच विवाद हुआ। इसके बाद गजेंद्र ने जहर खा लिया था। 13 मार्च को उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था। इधर, पति की मौत की बात जैसे ही मुनो को मालूम चली उसने ऊपर के कमरे में जाकर साड़ी के फंदे से फांसी लगा ली। परिजन जब घर पहुंचे तब वह फंदे पर लटकी हुई थी। परिवार के लोगों ने ही उसे नीचे उतारा। उस समय उसकी सांस चल रही थी। परिवार के लोग उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। सात दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। गजेंद्र अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था। बेटे और बहू की मौत के बाद से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं, गजेंद्र और मां मुनो की मौत के बाद उनका दस साल का बेटा अभि बेसहारा हो गया।
लहचूरा के गढ़वा गांव निवासी गजेंद्र सिंह पटेल (32) खेती करता था। करीब बारह साल पहले उसकी शादी मुनो देवी (30) से हुई थी। शादी के बाद मुनो को पति गजेंद्र के शराब पीने की बात मालूम चली थी। इसके बाद से दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। परिजनों के मुताबिक 11 मार्च को शराब पीने के बाद गजेंद्र और मुनो के बीच विवाद हुआ। इसके बाद गजेंद्र ने जहर खा लिया था। 13 मार्च को उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था। इधर, पति की मौत की बात जैसे ही मुनो को मालूम चली उसने ऊपर के कमरे में जाकर साड़ी के फंदे से फांसी लगा ली। परिजन जब घर पहुंचे तब वह फंदे पर लटकी हुई थी। परिवार के लोगों ने ही उसे नीचे उतारा। उस समय उसकी सांस चल रही थी। परिवार के लोग उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। सात दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। गजेंद्र अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था। बेटे और बहू की मौत के बाद से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं, गजेंद्र और मां मुनो की मौत के बाद उनका दस साल का बेटा अभि बेसहारा हो गया।
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