संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिले में संचालित लखपति दीदी योजना में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाओं ने अपनी आकांक्षाओं को पंख देकर खुद की सालाना आय एक लाख रुपये से भी अधिक तक पहुंचा दी है। जिले में साढ़े सात हजार दीदी लखपति बन चुकी हैं। अंतरिम बजट में हुए प्रावधान के बाद अब 10 हजार और महिलाओं को लखपति बनाने की तैयारी है।
बता दें कि लखपति दीदी योजना में झांसी जिले की 6,052 महिलाओं ने खुद को 500 स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जोड़ा और अपनी आय एक लाख रुपये प्रतिवर्ष तक पहुंचा दी। जिन्हें देखकर बीते साल 1800 महिलाओं ने भी योजना में शामिल होने का निर्णय लिया। विभिन्न स्वरोजगार कार्यक्रमों से जुड़कर उन्होंने खुद की आय बढ़ाई। इसके बाद कुल लखपति दीदी की संख्या 7, 852 पहुंच गई। अब जब अंतरिम बजट में लखपति दीदियों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में स्वत: रोजगार विभाग अन्य महिलाओं को भी योजना से जोड़कर उनकी संख्या दस हजार तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम करने लगा है। विभाग ने इसके लिए लखपति हो चुकीं महिलाओं को अब मास्टर ट्रेनर बनाने की तैयारी कर ली है। यह ट्रेनर अन्य महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने के साथ ही उन्हें ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर रिपेयरिंग, हस्तशिल्प आदि के गुर सिखाएंगी। इसमें विभाग उनकी मदद करेगा।
वर्जन
जिले में अब तक 7,852 महिलाएं लखपति दीदी श्रेणी में आ गई हैं। इन्हीं, महिलाओं में से हम कुछ महिलाओं को ट्रेनर की जिम्मेदारी दे रहे हैं। जो स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाओं को विभिन्न कार्यों में दक्ष बनाएंगी। हमारा लक्ष्य दस हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है।
बृज मोहन अंबेड, उपायुक्त, स्वत: रोजगार विभाग