- गलत वेतनमान का निर्धारण करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कनिष्ठ लिपिक पांच साल तक वरिष्ठ लिपिक पद का वेतन लेता रहा। शिकायत के बाद एडी बेसिक ने जांच की तो अनियमितता का खुलासा हुआ। अब वसूली की तैयारी शुरू हो गई है।
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बामौर में कनिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात बृजेश कुमार श्रीवास को 15 जुलाई 2019 से वरिष्ठ लिपिक का वेतनमान मिलना शुरू हुआ, जबकि बृजेश कुमार ने पदोन्नति से इनकार कर दिया था। इस अनियमितता की शिकायत उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष जितेन्द्र दीक्षित ने महानिदेशक, वित्त नियंत्रक सहित संबंधित अधिकारियों से की थी।
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) अरुण कुमार ने इस मामले की जांच की और अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि बृजेश कुमार श्रीवास का ग्रेड वेतन 2800/लेवल-5 है, जबकि 15 जुलाई 2019 से ग्रेड वेतन 4200/लेवल-6 ले रहा है, जो गलत है। इस रिपोर्ट के बाद बृजेश कुमार श्रीवास के पुन: वेतन निर्धारण की कार्यवाही शुरू की गई। बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी मुराली लाल ने बताया कि उन्होंने पुन: वेतन निर्धारण कर अपनी रिपोर्ट बीएसए को दे दी। अब बाबू द्वारा ली गई अधिक धनराशि की किश्तों में वसूली करने की तैयारी शुरू हो गई है। उधर, शिक्षक नेता जितेन्द्र दीक्षित ने गलत वेतनमान निर्धारण करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध आपराधिक कृत्य के लिए प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
कनिष्ठ लिपिक के अनियमित वेतनमान के संबंध में अपनी रिपोर्ट बीएसए तथा वित्त एवं लेखाधिकारी को सौंप दी गई है। आगे की कार्यवाही बीएसए को करनी है।
- अरुण कुमार, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक)