संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मिना अस्पताल में गर्मी से बीमार हाजियों की भीड़... एक के बाद एक हाजी की मौत... एक जनाजे के पीछे कई जनाजे... मौत का यह मंजर देखने के बाद भी हाजियों के चेहरे पर शिकन नहीं है। परिजनों से बातचीत में हाजी निश्चिंत नजर आ रहे हैं। पाक सरजमीं पर दफन होने की ख्वाहिश हाजियों का हौसला बढ़ा रही है।
सऊदी अरब में गर्मी से तकरीबन सौलह सौ से अधिक हाजियों की मौत हो गई है, इसमें भारत के भी 98 हाजी शामिल हैं। झांसी से सऊदी गए 111 हाजियों के परिजनों के माथे पर भी चिंता की लकीरें हैं। लोग फोन और वीडियो कॉल कर हालचाल ले रहे हैं। लेकिन, हाजी इन चिंताओं से परे हैं। दरअसल, हज के लिए आवेदन करते ही लोग हज के दौरान मौत की दुआ करते हैं। इस्लाम धर्म के अनुसार हज के दौरान मौत होने पर हाजी सीधा जन्नत में दाखिल हो जाता है।
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गर्मी से सैकड़ों हाजियों की मौत हो गई है। लाशों की भीड़ में हर कोई अपनों काे तलाश रहा है। लेकिन, हाजियों को मौत का कोई डर नहीं है। पाक सरजमीं पर दफन होना किस्मत वालों को ही नसीब होता है।
मोहम्मद नईम, अंदर ओरछा गेट
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गर्मी से कई हाजियों की मौत हुई है। घर के लोग हर वक्त फोन कर हालचाल ले रहे हैं। झांसी के सभी साथी स्वस्थ हैं। मौतों के मंजर के बीच किसी भी हाजी के चेहरे पर शिकन तक नहीं है।
शकील अहमद, बीएचईएल
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मुकद्दस जमीन पर दफन होने की ख्वाहिश लेकर ही हाजी हज करने के लिए आते हैं। हज के दौरान मौत होने पर यहीं दफन किया जाता है। तेज गर्मी हाजियों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
मोहम्मद इस्लाम, बीएचईएल
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मक्का और मदीना की पाक सरजमीं पर मौत आना हर किसी को नसीब नहीं होता। किस्मत वाले ही होते हैं जो पाकीजा जमीन में दफन होते हैं। लाशों के ढेरों के बीच सभी हाजी बेखौफ नजर आ रहे हैं।
कारी अबरार रजा, ओरछा गेट