झांसी। रानी लक्ष्मीबाई की नगरी झांसी से मंगल पांडे की क्रांति नगरी बैरकपुर के बीच शुरू हुई प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस शहीदों को याद करने के लिए फिर से सजाई जाएगी। इंजन से लेकर गाड़ी के कोच को फूलों से सजाया जाएगा। सजी-संवरी प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस शुक्रवार को झांसी रेलवे स्टेशन से एक भव्य समारोह के बीच रवाना होगी। इसकी तैयारियों में रेल प्रशासन जोर-शोर से जुटा है।
देश की आजादी की लड़ाई में झांसी और बैरकपुर (कोलकता) का अहम योगदान है। रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी से अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंका जबकि मंगल पांडे ने बैरकपुर छावनी से अंग्रेजी सेना के खिलाफ विद्रोह किया था। इन दोनों अमर क्रांतिकारियों की याद में दो दशक पहले झांसी-बैरकपुर के बीच प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11105/11106) आरंभ हुई। अब यह गाड़ी सुपरफास्ट का दर्जा हासिल कर चुकी है। अब कोलकता तक जाने वाली इस गाड़ी को आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान फिर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। रेल प्रशासन आयोजन की तैयारियों में जुटा है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक आजादी की रेलगाड़ी कार्यक्रम के तहत इस रेलगाड़ी का चयन किया गया है। रेलगाड़ी को फूलों से सजाकर शुक्रवार को नए कलेवर में रवाना किया जाएगा। इस गाड़ी के सभी कोच एचएचवी हो चुके हैं।