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आरटीई: सीट अलॉट लेकिन स्कूल बंद, अभिभावक हो रहे परेशान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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झांसी। आरटीई के तहत अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने गए अभिभावकों को बंद स्कूल देखकर लौटना पड़ रहा है। अभिभावक बीएसए के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, कि जिस विद्यालय में उनके बच्चे को सीट आवंटित हुई है वह स्कूल ही बंद हो चुका है।
आरटीई के तहत प्रवेश लेने में पहले स्कूल आनाकानी करते थे, जिस कारण हर साल 50-100 अभिभावक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास शिकायत लेकर आते थे। लेकिन इस बार तो नए प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं। इस बार 2850 आवेदन आरटीई के तहत हुए थे, जिसमें से 1389 बच्चों को सीट आवंटित की गई है। जिले में आरटीई के तहत कुल 609 विद्यालयों में मैप किए गए हैं।
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बच्चों को सीट आवंटित होने के बाद अभिभावक जब विद्यालय में बच्चे को प्रवेश दिलाने पहुंचे तो पता चला कि विद्यालय ही बंद हो चुका है। परेशान अभिभावक बीएसए कार्यालय शिकायत लेकर पहुंचे। ऐसे हर दिन 2-3 मामले आ रहे हैं, जिसमें विद्यालय बंद होने की शिकायत की जा रही है।
पठौरिया निवासी एक महिला ने बताया कि वो दो सालों से इसके लिए आवेदन कर रही हैं, इस साल आरटीई के तहत प्रवेश के लिए बच्चे को सीट आवंटित हुई है। लेकिन प्रवेश लेने गए तो पता चला कि विद्यालय बंद हो चुका है। लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर दिख रहा था, अब उस क्षेत्र के किसी अन्य विद्यालय में सीट रिक्त बची नहीं हैं।


बंद हो चुके विद्यालयों की मान्यता होगी समाप्त

- प्रकरण सामने आने पर बीएसए नीलम यादव ने नगर क्षेत्र खंड शिक्षा अधिकारी को उन विद्यालयों की सूची तैयार करने के लिए कहा है जो विद्यालय बंद हो चुके है। यू-डायस पोर्टल पर कई विद्यालय ऐसे हैं, जो बंद होने के बावजूद खुले दिखाई दे रहे हैं। इन विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरे चरण के आवेदन हुए प्रारंभ
- आरटीई के तहत दूसरे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 मार्च से प्रारंभ हो गई है। वहीं पहले चरण में जिन विद्यार्थियों को सीट आवंटित हुई है, उनके पत्र शिक्षा विभाग से वितरित किए जा रहे हैं।
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