कुटुंब शाखा में स्वयं सेवक के घर में रह रहे परिजन ही शामिल हो सकते हैं। जो सभी संघ प्रार्थना कर सूर्य नमस्कार, योग, महापुरुषों पर बौद्धिक चर्चा आदि में प्रतिभाग करते हैं। वहीं, संघ द्वारा यह जानकारी जुटाई जा रही है, कि अभी तक कितने स्वयंसेवक अपने घरों में ही कुटुंब शाखाएं चला रहे हैं। संघ परिवार की शाखाएं अमूमन मैदानों में लगती हैं। इसमें सभीस्वयं सेवक योग, व्यायाम, सूर्य नमस्कार, संघ ध्वज वंदना आदि करते हैं। लॉकडाउन के कारण अब यह शाखाएं मैदानों में नहीं लग रही हैं। झांसी महानगर में स्वयंसेवकों की काफी अच्छी खासी संख्या है। इनके परिजन भी संघ के कार्यों को गहराइयों से समझें इसके लिए लॉकडाउन के चलते घरों में कुटुुंब शाखाएं लगनी शुरू हो गई हैं। हालांकि कुटुंब शाखाओं की वीडियो एवं फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की अनुमति नहीं है। संघ के सह प्रांत प्रचारक अनिल श्रीवास्तव के अनुसार यह शाखा एक घंटे की रहती है। जो घर के किसी भी कमरे अथवा छत में लग सकती है। इसमें सिर्फ घर में रह रहे परिवार के सदस्य ही शामिल होते हैं। सभी संघ ध्वज प्रार्थना, शारीरिक व्यायाम, योग, महापुरुषों पर चर्चा करते हैं।