झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विवि में मधुमक्खी पालन से किसानों को जोड़ने का एक प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसमें मधुमक्खी पालन कर रहे किसानों को शहद के प्रोडक्ट बनाकर इनकी मार्केटिंग करने के तरीके सिखाए जाएंगे। विवि के कुलपति प्रो. एके सिंह और निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. एसएस सिंह की अगुआई में चल रहे प्रोजेक्ट में हनी प्रोसेसिंग की किसानों काे ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए कैंपस में तैयार किए गए लैब और इन्क्यूबेशन सेंटर में आधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं। इससे मधुमक्खी पालन करने वाले किसान मोम और रॉयल जैली जैसे प्रोडक्ट बनाना सीखेंगे। कुलपति प्रो. एके सिंह ने बताया कि किसानों को हनी प्रोसेसिंग से जोड़कर न केवल उनकी आय को बढ़ाया जा सकेगा बल्कि, इससे खेती के दूसरे फायदे भी हो सकेंगे। प्रोजेक्ट में किसानों को शहद उत्पादन से जोड़ने के लिए मधुमक्खी पालन के उन्नत तरीकों की जानकारी दी जाएगी। पहले चरण में दो हजार किसानों को ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह तीन दिन का आवासीय प्रशिक्षण होगा। ट्रेनिंग पूरी होने पर किसानों को 10 हजार रुपये कीमत वाले दो हनी बॉक्स नि:शुल्क दिए जाएंगे। संवाद