झांसी। शाहजहांपुर में दंपती के साथ लूट की घटना पुलिस के गले की हड्डी बन गई। पुलिस न इस घटना को निगल पा रही, न उगलने के लिए बरामदगी दिखा पा रही है। खुलासे की जल्दबाजी में पुलिस ने बुधवार को जरूर एक मोबाइल की बरामदगी दिखा दी लेकिन, जिसके पास से मोबाइल बरामद दिखाया गया उसकी लोकेशन घटना स्थल की नहीं मिली। यह तथ्य सामने आने के बाद से पुलिस अफसरों ने भी पूरे मामले में चुप्पी साध ली। मंगलवार रात पत्नी के साथ लौट रहे शाहजहांपुर थाना के खजूरी गांव निवासी विष्णु राजपूत को बाइक सवार बदमाशों ने देवरा गांव के पास रोक लिया। बदमाशों ने तमंचे के बल पर दंपती से मारपीट करके महिला के गले से मंगलसूत्र, मोबाइल लूट लिया जबकि विष्णु के गले से सोने की जंजीर खींचकर भाग निकले। लूट की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। विष्णु की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस लुटेरों की तलाश में जुट गई। लेकिन, करीब 24 घंटे बाद भी पुलिस महज एक मोबाइल ही बरामद दिखा सकी। इसमें भी पुलिस सवालों के घेरे में आ गई। सूत्रों के मुताबिक यह मोबाइल एक ट्रक चालक को पड़ा मिला था। उसने मोंठ आने पर मोबाइल लौटने की बात कही लेकिन, पुलिस ने इसी मोबाइल को बरामद दिखा दिया। यह बात सामने आने के बाद पुलिस अफसरों ने भी चुप्पी साध ली। ब्यूरो
आलराउंडर अंबाला छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज- फोटो : संवाद