अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए दो गांवों का सर्वे पूरा कर जमीनों के बैनामों की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही अब तीसरे गांव ढिकौली का सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम ने ढिकौली में डेरा डाल लिया है। दो दिन में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद अंबावाय और ढिकौली की जमीनों के एक साथ बैनामे कराए जाएंगे।
नोएडा की तर्ज पर झांसी में औद्योगिक शहर बीडा विकसित किया जा रहा है। यह ग्वालियर हाईवे और शिवपुरी हाईवे के इर्दगिर्द के 33 गांवों की 14,225 हेक्टेअर जमीन पर बसाया जा रहा है। बीडा के लिए चिह्नित गांव सारमऊ में जमीन के बैनामो की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार को पांच बैनामे हुए थे, जबकि सोमवार को 20 बैनामे कराने की तैयारी है। इसके लिए रविवार के अवकाश में भी लेखपत्र तैयार किए जाते रहे। वहीं, दूसरे गांव अंबावाय के सर्वे का काम भी पूरा हो गया है। अंबावाय में लगभग साढ़े छह सौ किसानों से 328 हेक्टेअर जमीन ली जाएगी। जमीन की कीमत 480 करोड़ रुपये आंकी गई है। गांव की परिसंपत्तियों का मूल्य डेढ़ करोड़ रुपये निकलकर सामने आया है।
इसके बाद अब राजस्व विभाग की टीम ने अपना अगला पड़ाव ढिकौली में डाल लिया है। ढिकौली की जमीनों व परिसंपत्तियों के सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। इसमें वन विभाग, लघु सिंचाई विभाग व लोक निर्माण विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है। दो दिन में सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ढिकौली की जमीनों की दरें तय करने के लिए प्रस्ताव दर निर्धारण समिति के पास भेजा जाएगा। प्रशासन की अंबावाय व ढिकौली की जमीनों के बैनामे एक साथ शुरू करने की योजना है।
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ग्राम ढिकौली में सर्वे का काम तेजी से जारी है, जिसे जल्द पूर लिया जाएगा। इसके अलावा सारमऊ की जमीनों के सोमवार को बैनामे कराए जाएंगे। रविवार को इसकी तैयारियां पूरी की जाती रहीं। - ललित कुमार पांडेय, तहसीलदार सदर