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Jhansi News: आजीवन कारावास की सजा काट रहे सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य की मौत

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झांसी। जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य की मौत हो गई। उसे 30 साल पहले हुए हत्याकांड में न्यायालय ने सजा सुनाई थी। वह पिछले पांच साल से जेल में बंद था। डायबिटिज का स्तर कम होने से उसकी हालत बिगड़ गई थी। बीती रात जेल से मेडिकल लाए जाने पर यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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बरुआसागर में साल 1993 में युवक सुनील राय की हत्या र्हुई थी। इस मामले में साल 2018 में न्यायालय ने बरुआसागर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन मेहेर सागर यादव समेत आठ लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसमें जीआईसी अहरौरा का सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बरुआसागर के कटरा मुहल्ला निवासी मोहनलाल बिरथरे (68) भी शामिल था। वह सितंबर 2018 से जेल में बंद था। बृहस्पतिवार की रात तकरीबन ग्यारह बजे अचानक उसकी डायबिजिट का स्तर कम हो गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। जेल कर्मचारी आनन-फानन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। बता दें कि हत्या के इस मामले में मोहनलाल साल 2002 में भी कुछ समय के लिए जेल में बंद रहा था। लेकिन, तब उसे जमानत मिल गई थी।
दोपहर में बहन से कराया था टीका
झांसी। बृहस्पतिवार की दोपहर भाई दूज पर मोहनलाल से मिलने उसकी बहनें जेल पहुंची थीं। उसने अपनी बहनों से टीका भी कराया था। तब उसकी सेहत सामान्य थी। रात में अचानक हालत बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। बाद में शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि जेल प्रशासन ने तबीयत बिगड़ने की जानकारी नहीं दी थी, सीधी मौत की खबर सुनाई। इस पर परिजनों ने आक्रोश भी जताया।
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