झांसी। होली की छुट्टी पर घर जाने के लिए तैयार लोग ट्रेन में सीट पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। लेकिन ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति ऐसी है कि यात्रियों को किसी भी सेवा का लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। इनमें भी सबसे खराब स्थिति पूर्वांचल को जाने वाली ट्रेनों की है। सामान्य प्रणाली से आरक्षित टिकट तो भूल ही जाइए लेकिन, तत्काल सेवा में भी वेटिंग नहीं मिल रही है। यात्री सुविधा के लिए होली विशेष ट्रेनों का भी संचालन किया जा रहा है। यात्री उनमें आरक्षण के लिए प्रयास कर सकते हैं।
ये है तत्काल की स्थिति
- पुष्पक एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी-3 इकॉनमी, एसी-2 और एसी-1 में नो रूम।
- राप्तीसागर एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी-3 और एसी-2 में नो रूम।
- झांसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस के द्वितीय श्रेणी में 12 वेटिंग, चेयरकार में 4 वेटिंग, एसी-3 में 1 वेटिंग, एसी-2 में 1 वेटिंग।
- यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी-3, एसी-2 और एसी-1 में नो रूम।
- लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी-3 और एसी-2 में नो रूम।
- बरौनी मेल के स्लीपर में 34 वेटिंग, एसी-3 में 12 वेटिंग और एसी-2 में 2 वेटिंग।
- गांधीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी-3 और एसी-2 में नो रूम।
- साबरमती एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी-3 और एसी-2 में नो रूम।
- महाकाल एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी-3 इकॉनमी, एसी-3 और एसी-2 में नो रूम।
- गोरखपुर एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी-3, एसी-2 और एसी-1 में नो रूम।
- झांसी-कोलकता एक्सप्रेस के स्लीपर में 20 वेटिंग, एसी-3 इकॉनमी में 3 वेटिंग, एसी-3 में 22 वेटिंग, एसी-2 में 2 वेटिंग।
- गोरखपुर स्पेशल के स्लीपर, एसी-3 इकॉनमी, एसी-2 और एसी-1 में नो रूम।
- गोरखपुर सुपरफास्ट के स्लीपर, एसी-3 और एसी-2 में नो रूम।
- भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी-3 और एसी-2 में नो रूम।