मड़ावरा। मड़ावरा क्षेत्र के गांव सतवांसा के पास चार दिन पहले सड़क पर पड़े मिले युवक की ग्वालियर में उपचार के दौरान मौत के मामले में शव को मड़ावरा थाने के सामने रखकर हंगामा करने पर पुलिस ने दस नामजद एवं 35 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
मड़ावरा थाने में तैनात उपनिरीक्षक सुभाषचंद्र ने थाना में तहरीर देकर बताया कि 18 मार्च को जितेंद्र राजपूत ने 112 पीआरवी संख्या 2609 को बताया कि ग्राम सतवांसा के नजदीक दुर्घटना हो गई है और वहां दो युवक घायल पड़े हैं। जिस पर पीआरवी और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची, जो घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा ले गई। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रनगांव निवासी घायल युवक पंकज उर्फ भावसिंह की 19 मार्च को ग्वालियर में इलाज के दौरान मौत हो गई। कुछ ग्रामीणों ने 20 मार्च की शाम को पंकज के शव को थाने के गेट के सामने रखकर हंगामा किया था। जिन्हें पुलिस ने समझाया और शव को ले जाकर अंतिम संस्कार करने के लिए कहा।
लेकिन परिजनों ने सुबह होने पर अंतिम संस्कार करने की बात कही। इसके बाद मंगलवार सुबह जब पुलिस बल मृतक का अंतिम संस्कार कराने के लिए पहुंचा, तो वहां मौजूद ग्राम रनगांव निवासी रविंद्र लोधी पुत्र हरपाल सिंह, हरपाल सिंह पुत्र, इंद्रपाल सिंह उर्फ छोटू पुत्र हरनामसिंह, राजा पुत्र ब्रजभान लोधी, राजू पुत्र निरभू सिंह, चिन्नू पुत्र तुलसी लोधी, जगदीश पुत्र दुर्जन लोधी, मानक पुत्र खुमान लोधी, राजेंद्र पुत्र सजन सिंह लोधी एवं ग्राम पीड़ार निवासी ब्रजभान सिंह पुत्र मिट्ठूलाल लोधी समेत 35 अज्ञात व्यक्तियों ने अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। आरोपियों ने पुलिस के साथ गाली-गलौज करते हुए शव को सड़क पर रखकर रोड जाम करने की धमकी दी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इससे हंगामा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ।