- बीए, बीकॉम के बगैर प्रयोगात्मक परीक्षा वाले पाठ्यक्रमों में मिलेगा बदलाव का मौका
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीए व बीकॉम में संस्थागत छात्र के रूप में पढ़ रहे छात्रों को आकस्मिक स्थिति में व्यक्तिगत छात्र के रूप में भी पढ़ने का मौका मिलेगा। बृहस्पतिवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। अभी इस मसौदे पर एकेडमिक कमेटी की हरी झंडी मिलना बाकी है। बैठक में अन्य मामलों का भी निस्तारण किया गया।
परीक्षा समिति की बैठक कुलपति प्रोफेसर मुकेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई, जिसमें प्रस्ताव लाया गया कि नई शिक्षा नीति के तहत बीए, बीकॉम की रेगुलर छात्र के रूप में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को आकस्मिक स्थिति में प्राइवेट छात्र के रूप में पढ़ने का मौका नहीं मिल पाता है। पाठ्यक्रम पूरा होने से पहले नौकरी लग जाने की स्थिति में छात्रों के समक्ष आगे की पढ़ाई जारी रख पाना मुश्किल हो जाता है। इस पर समिति ने बगैर प्रयोगात्मक परीक्षा वाले पाठ्यक्रम के छात्रों को संस्थागत से व्यक्तिगत छात्र के रूप में अपनी पढ़ाई जारी रखने की अनुमति देने पर सहमति जताई। अब इस प्रस्ताव को बीयू की एकेडमिक कमेटी के पास भेजा जाएगा। कमेटी की मंजूरी के बाद छात्रों को संस्थागत से बदलकर व्यक्तिगत रूप से पढ़ाई जारी रखने की मंजूरी दे दी जाएगी। इसके अलावा परीक्षा समिति के समक्ष यूएफएम के 146 मामलों की रिपोर्ट रखी गई, जिनका निस्तारण किया गया। साथ ही बैठक में बैक पेपर, छात्रों के परीक्षा परिणाम अधूरे होने के भी मामले लाए गए।
बैठक में कुलसचिव विनय कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, डीके भट्ट समेत विभिन्न कॉलेजों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।