झांसी। शासन द्वारा तय अवधि बीत जाने पर संभागीय परिवहन विभाग ने जिलेभर के 30 हजार से अधिक वाहनों के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। लेकिन एक भी वाहन स्वामी अपने वाहनों को सरेंडर नहीं किया है। सरकार द्वारा सरकारी एवं निजी वाहनाें की अवधि 15 साल तय की गई है। इसके बाद आरटीओ कार्यालय ने 30 हजार से अधिक वाहनों के पंजीकरण को निरस्त करते हुए कबाड़ घोषित कर दिया है। कबाड़ वाहनों की चेसिस और बॉडी नंबर को आरटीओ कार्यालय में जमा करने के बाद ही कबाड़ में बेचने अथवा वाहनों को कटवाने का नियम है। लेकिन पंजीकरण निरस्त होने के बाद भी लोग वाहनों को सरेंडर करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। एआरटीओ (प्रशासन) डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि तय अवधि समाप्त होने पर तीस हजार से अधिक वाहनों के पंजीकरण निरस्त किए जा चुके हैं। वाहन स्वामियों की तलाश की जा रही है। संवाद