झांसी। नगर निगम के गृहकर संग्रह विभाग में पिछले दस सालों से गृह वसूली की जिम्मेदारी जमादार, माली और चपरासियों को सौंपी गई है। नगर निगम के अफसरों से कई बार शिकायतें करने के बाद भी कर्मचारी को बदला नहीं गया है। नगर निगम के अफसरों की सांठ-गाठ के चलते यह कर्मचारी सालों से एक ही जगह जमें हुए हैं।
नगर निगम द्वारा नगर निगम सीमा में स्थित लगभग सवा लाख घरों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से गृहकर की वसूली की जाती है। गृहकर वसूली की जिम्मेदारी नगर निगम स्थित गृहकर विभाग के कंधों पर है। इसके लिए नगर निगम द्वारा गृहकर अधीक्षक, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सहित कई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते पिछले दस सालों से नगर निगम के गृहकर विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वसूली की कमान सौंपी गई है। नगर निगम द्वारा इन कर्मचारियों को बकायदा क्षेत्रों का आवंटन भी किया गया है। नगर निगम कर्मचारियों द्वारा कई बार इसकी शिकायतें की गई हैं। लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
अपर नगर आयुक्त मोहम्मद कमर ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के चलते चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी दूर होते ही चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को हटाया जाएगा।