जिले में सरकारी राशन का लाभ पा रहे अपात्रों पर सख्ती की गई, तो अपात्र खुद कार्ड लेकर कार्यालय पहुंचने लगे हैं। मऊरानीपुर के पूर्ति कार्यालय में मंगलवार को एक सरकारी अधिकारी के पिता ने अंत्योदय कार्ड वापस किया। इसके साथ ही सात अन्य अपात्र राशन कार्ड वापस करने पहुंच गए। जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र में लगातार अपात्र सामने आ रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों से लेकर बंगले और बसों के मालिक सरकारी राशन का लाभ ले रहे हैं। सत्यापन के दौरान जब पोल खुलने लगी है, तो लोग खुद ही राशन कार्ड वापस करने पहुंचने लगे हैं। मंगलवार को जालौन जिले में तैनात एक सरकारी अधिकारी के पिता ने अंत्योदय कार्ड वापस किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि पहले मैं टैक्सी चलाता था, तो अंत्योदय कार्ड बन गया। अब पांच साल पहले बेटे की सरकारी नौकरी लग गई है। इसलिए कार्ड वापस करना है। अधिकारियों ने बताया कि कार्डधारक ने पांच साल तक सरकारी राशन लिया है। बताया जाता है कि सख्ती के चलते लोग खुद ही कार्ड वापस करने आ रहे हैं। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने बताया कि लगातार अपात्रों की जांच हो रही है। अपात्र कार्डधारक सख्ती होते देख खुद ही कार्ड वापस करने आने लगे हैं। देश में कहीं से भी ले सकेंगे राशन झांसी। अब प्रदेश के लोग देश की किसी भी राशन दुकान से राशन ले सकेंगे। इसे लेकर अपर आयुक्त खाद्य रसद ने निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देशों में कहा है कि कोविड 19 को लेकर देश में राष्ट्रीय राशन पोर्टबिलिटी व्यवस्था लागू कर दी गई है। प्रदेश का कोई भी कार्ड धारक देश के 16 राज्य आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, बिहार, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित दादरा नगर हवेली में राशन ले सकता है। इसके साथ ही इन राज्यों के कार्डधारकों को प्रदेश में राशन मिल सकेगा। उन्होंने कहा है कि राशन कार्ड आधार से लिंक होना चाहिए। साथ ही छह माह से सक्रिय होना जरूरी है।