झांसी में शादी का झांसा देकर तलाकशुदा महिला के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी दरोगा की जेल से रिहाई नहीं हो पाई। सत्र न्यायाधीश शक्तिपुत्र तोमर की अदालत ने दरोगा की ओर से दाखिल की गई जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर के भोगनीपुर थाना क्षेत्र की एक तलाकशुदा महिला ने 20 मई 2022 को नवाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें झांसी की पुलिस कॉलोनी निवासी सब इंस्पेक्टर अभिषेक पोरवाल पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
महिला ने आरोप लगाया था कि उसके बार-बार मना करने पर दरोगा ने उससे शारीरिक संबंध बनाए थे। इतना ही नहीं, महिला का आरोप था कि उसके आभूषण व नकदी भी गायब कर दी गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी दरोगा को 28 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दरोगा की ओर से रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।