उम्र साठ के पार, लेकिन मन में उत्साह किशोरों की तरह है। और काम करने में जरूर असहज हों, लेकिन मंच पर आते ही युवाओं सा जोश आ जाता है। चेहरा जरूर झुर्रियों के कारण कम आकर्षक हो गया हो, लेकिन अदाकारी की चमक आज भी कायम है। हम बात कर रहे हैं। सदर बाजार की रामलीला में विभिन्न पात्रों को निभाने वाले बुजुर्ग कलाकारों की। 92 सावन देख चुकी सदर बाजार की रामलीला में कई कलाकार ऐसे हैं जो बुजुर्ग हो चुके हैं, लेकिन आज भी पूरे उत्साह के साथ अपने पात्र को मंच पर जीवित कर देते हैं। अमर उजाला से बातचीत में इन बुजुर्ग कलाकारों ने बताया कि एक समय था, जब टेलीविजन ने रामलीला का आकर्षण कम कर दिया था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में रामलीला का पुराना वैभव फिर लौटकर आया है। तेजी से दर्शकों की संख्या बढ़ी और बच्चे व युवा फिर से रामलीला में काम करने लगे हैं।