झांसी। महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत के कई इलाकों में हो रही भारी बरसात ने रेल संचालन को प्रभावित कर दिया है। बुधवार को इसके चलते करीब डेढ़ दर्जन सवारी गाड़ियां घंटों विलंब से झांसी स्टेशन पहुंची। यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस 14 घंटे लेट आई। जबकि तमाम गाड़ियां छह से दस घंटे विलंब से चल रही हैं। गाड़ियों के विलंब से चलने के कारण पैसेंजर परेशान हैं। स्थिति यह है कि तमाम ने तो टिकट ही निरस्त करा लिया।
भारी बारिश के चलते सवारी गाड़ियों को जगह-जगह स्टेशनों पर रोक कर धीमी रफ्तार में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके चलते मंगलवार देर रात तक गाड़ियां पिटनी शुरू हो गईं। बुधवार को यह सवारी गाड़ियां कई घंटे विलंब से वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन पहुंचीं। इनमें यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस (12592) 13.50 मिनट, चेन्नई सेंट्रल-लखनऊ एक्सप्रेस (16093) एवं गोंडवाना (12409) 10.30 मिनट विलंब से यहां पहुंची। इसी तरह यशवंतपुर से हजरत निजामुद्दीन (12649) 6.50 मिनट, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-(12107) चार घंटे समेत मदुरई-हजरत निजामुद्दीन (12651), अहमदाबाद-चेन्नई सेंट्रल(12655), गोवा एक्सप्रेस(12779), चेन्नई सेंट्रल-साई निलयम(12691), हैदराबाद-नई दिल्ली (12723) सहित सवारी गाड़ियां भी चार से छह घंटे विलंब से पहुंची। गुजरात की ओर से आने वाली गाड़ियां भी एक-दो घंटे विलंब से यहां पहुंची। इन गाड़ियों के घंटों विलंब से आने की वजह से तमाम रेल यात्रियों ने अपने टिकट निरस्त करा लिए जबकि दूर-दराज से आए रेल यात्रियों को मजबूरन प्लेटफार्म पर ही रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। वहीं, झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि बारिश के चलते उस रास्ते से आने वाली ट्रेन यहां विलंब से पहुंचीं।
झांसी-कानपुर ट्रैक पर निरस्त रहीं 13 सवारी गाड़ियां
झांसी। झांसी-कानपुर रेल खंड पर चल रहे नॉन इंटरलाकिंग कार्य के चलते बुधवार को 13 सवारी गाड़ियां निरस्त रहीं जबकि आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों को वैकल्पिक रास्ते के सहारे बढ़ाया गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक छत्रपति शिवाजी महाराज-गोरखपुर एक्सप्रेस (12598), लखनऊ-पुणे (12104), झांसी-लखनऊ (11109), लखनऊ-झांसी (11110), मानिकपुर-कानपुर सेंट्रल (01801), कानपुर सेंट्रल-मानिकपुर (01802), लखनऊ-जबलपुर (15205) समेत गाड़ी संख्या 14110, 14109, 04143, 01411, 22467 को निरस्त कर दिया। इसके अलावा आज भी ग्वालियर-बरौनी, गोरखपुर पनवेल समेत अन्य गाड़ियों को वैकल्पिक रास्ते के सहारे आगे भेजा गया। यहां 15 जुलाई तक गाड़ियां प्रभावित रहेंगी।