रेलवे ने माल भाड़े से आय बढ़ाने के लिए व्यापार विकास इकाई का गठन किया है। इस इकाई की मदद से रेलवे व्यापारियों की समस्याओं को दूर करेगा और उनके सुझावों को अमल में लाएगा। इसको लेकर शुक्रवार को अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। बैठक में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक नवीन दीक्षित ने मंडल के अंतर्गत आने वाले गुड्स शेड रसूलपुर गोगामाऊ, शनिचरा, भीमसेन, डायमंड सीमेंट, साइडिंग, पारीछा साइडिंग, दतिया मालगोदाम, डबरा, मुरैना, निवाड़ी, हरपालपुर, महोबा, बांदा, ललितपुर, बिजौली, खजुराहा, एलपीजीयू उदयपुरा, करारी, आईसीडी मालनपुर, पीआरईएल साइडिंग, झांसी, रायरू, उरई, भीमसेन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम साइडिंग के बारे में बताया। इन सभी गुड्स शेड व साइडिंग तक पहुंचने के लिए अप्रोच रोड आदि को बेहतर करने तथा शेड के अंतर्गत बिजली, पानी एवं ग्राहकों और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने पर विचार विमर्श किया। मंडल के अंतर्गत माल परिवहन में वृद्धि के लिए हर संभव सार्थक उपाय किए जाएंगे, जिसके अंतर्गत प्रतिष्ठानों एवं व्यापारियों से निरंतर ऑनलाइन मीटिंग की जाएगी और यथा संभव फ्रेट कस्टमर को सुविधा एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा। भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई में रियायत देने का निर्णय लिया गया है, जिसके अंतर्गत 0 से 50 किमी तक की माल ढुलाई पर 50 प्रतिशत की छूट, 51 से 75 किमी की माल ढुलाई पर 25 प्रतिशत की छूट तथा 76 से 90 किमी तक की माल ढुलाई पर 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। बैठक में सदस्य वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक शशिकांत त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) राजेश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर करुणेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक, अमृतांश मौर्य मौजूद रहे।