सवारी गाड़ियों का संचालन बढ़ते ही आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इस आशंका को लेकर सभी गाड़ियों में आरपीएफ व जीआरपी का स्क्वाएड भेजा जा रहा है। आउटर पर भी मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। दिन और रात दोनों वक्त आउटर पर कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं। कोरोना वायरस के चलते रेलवे ने 23 मार्च से ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद कर रखा है। लॉकडाउन के तीसरे चरण में रेलवे ने एक मई से अलग- अलग राज्यों की सहमति पर श्रमिक एक्सप्रेस गाड़ियों का संचालन शुरू किया। इसके बाद 12 मई से अप और डाउन की तीस सवारी ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। ये सभी गाड़ियां राजधानी एक्सप्रेस हैं, जिनको स्पेशल ट्रेनें बनाकर चलाया जा रहा है। इनमें अप और डाउन की चार ट्रेनें झांसी से होकर गुजर रही हैं। एक जून से 200 मेल व एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेनें (अप और डाउन की 100 गाड़ियां) शुरू की गई, जिसमें अप और डाउन की 28 ट्रेनें झांसी से होकर गुजर रहीं हैं। जैसे- जैसे ट्रेनों की संख्या बढ़ रही है। वैसे- वैसे सुरक्षा एजेंसियों की अपराध बढ़ने की चिंता बढ़ती जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि कोरोना महामारी के चलते आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में शरारती तत्व ट्रेनों में अपराध करने के लिए सक्रिय हो सकते हैं। कोई घटना न हो, इसके लिए सभी गाड़ियों में स्क्वाएड चल रहा है। रेलवे स्टेशन व आउटर पर भी हर वक्त कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। इस संबंध में जीआरपी थाना प्रभारी अंजना सिंह ने बताया कि ट्रेन, स्टेशन व आउटर सभी जगह कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।