रेल मंडल के प्रमुख पुलों पर जलस्तर की निगरानी के लिए ब्रिज वाटर लेवर मॉनिटरिंग प्रणाली की स्थापना की गई है। इनमें चंबल यमुना कालपी, बागिन, यमुना साउथ बैंक और बेतवा नदी के 2 पुल शामिल हैं। इस प्रणाली की मदद से बारिश के दौरान सुरक्षित रेल संचालन हो सकेगा। इसमें पुलों की डिजाइन, जल प्रवाह और अन्य तकनीकी मापदंडों के आधार पर नियमित स्तर, उच्च बाढ़ स्तर और पानी के खतरे के स्तर की जाती है। इस उन्नत और स्वचालित जलस्तर निगरानी प्रणाली में जलस्तर मापने का उपकरण (डब्लूएलएमआई) लगातार अल्ट्रासोनिक तरंगों को भेजता है, जो नदी में बहने वाले पानी के ऊपर से जाकर वापस आता है। अल्ट्रासोनिक तरंगों को उपकरण तक वापस आने में लगने वाले समय से जलस्तर की सटीक माप होती है और उपकरण इसकी तुलना पूर्व निर्धारित पानी के खतरे के स्तर के साथ करता है। इंटेलिजेंट फील्ड डिवाइस (आईएफडी) के साथ जलस्तर मापने वाला उपकरण संचार करता है और प्रत्येक पुल के जलस्तर का डेटा एक केंद्रीय सर्वर तक पहुंचाता है। यह प्रणाली प्रत्येक पांच मिनट में जलस्तर को रिकॉर्ड करती है। अधिकृत कर्मियों को टेबुलर एवं ही ग्राफिकल प्रारूप में डेटा उपलब्ध कराती है जो प्रभावी रूप से पूर्वानुमान के उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है। झांसी मंडल ने मानसून के दौरान संरक्षित और डिटेंशन मुक्त ट्रेन संचालन की दिशा में कई कदम उठाए हैं, जिसमें भारी बारिश की स्थिति में ट्रैक के नुकसान से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर मानसून रिजर्व सामग्री रखी गई है। चिह्नित स्थानों पर चौकीदार की तैनाती, महत्वपूर्ण लोकेशनों एवं खंडों में मानसून पेट्रोलिंग हर क्षेत्र में वर्षा की दैनिक रूप से निगरानी, एलएचएस से पानी की पंपिंग व्यवस्था, यार्डों में नालियों की सघन सफाई की व्यवस्था गई है।