झांसी। संसाधनों की कमी से जूझ रहा रेलवे अस्पताल पहले से ही खुद हांफ रहा है और अब इसमें आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज भी शुरू होने जा रहा है। जबकि, न तो यहां संसाधन बढ़ाए गए हैं और न ही स्टाफ। ऐसे में यहां मरीजों का इलाज कैसे होगा, यह किसी के समझ में नहीं आ रहा है।
आयुष्मान भारत योजना से रेलवे के 91 अस्पतालों को जोड़ा गया है। इनमें झांसी का मंडलीय रेल अस्पताल भी शामिल है। अब तक इसमें रेल कर्मचारियों व पेंशनरों के इलाज की व्यवस्था है। लेकिन, अब आयुष्मान कार्डधारक मरीज भी यहां इलाज के लिए आ सकेंगे। जबकि, वर्तमान में स्थिति यह है कि रेलवे अस्पताल संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। कई साल से सोनोग्राफी मशीन खराब पड़ी हुई है। अल्ट्रासाउंड की भी यहां व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा स्टाफ भी पूरा नहीं है। ऐसे में यहां इलाज के लिए जाने वाले तमाम रेल कर्मचारियों का ठीक ढंग से इलाज भी नहीं हो पाता है। मजबूरी में उन्हेें निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ जाता है। जबकि, आयुष्मान योजना से जुड़ने की वजह से आने वाले दिनों में यहां मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। इन हालातों में यहां सभी मरीजों को समुचित इलाज कैसे मिलेगा यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है।
वहीं, रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे अस्पताल में जल्द आयुष्मान योजना के लोगों का भी इलाज शुरू हो जाएगा। इसके लिए की व्यवस्थाएं भी दुरुस्त की जाएंगी।