झांसी। ललितपुर के तालबेहट में तैनात रेलवे अभियंता के सरकारी बंगले में गैंगमैन की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों ने पीट-पीटकर उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
झांसी के सैंयर गांव निवासी प्रीतम यादव की पांच साल पहले ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। उनके बड़े बेटे अरविंद (30) को मृतक आश्रित कोटे से इसी वर्ष जून माह में गैंगमैन की नौकरी मिली थी। मां मुन्नी देवी की भी मौत हो चुकी है। घर में तीन छोटे भाई हैं। अरविंद के ममेरे भाई प्रमोद का कहना है कि अरविंद ललितपुर के बिजरौठा में तैनात था लेकिन, उसकी ड्यूटी तालबेहट में रेल अभियंता के घर में लगाई गई थी।
एक नवंबर को अरविंद रेल अभियंता के बंगले में घायल अवस्था में मिला था। उसके सिर और चेहरे पर चोट के निशान थे। अभियंता की सूचना पर परिवार के लोग वहां पहुंचे थे। घायल अरविंद को परिजन पहले तालबेहट ले गए। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रमोद का आरोप है कि अरविंद से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। परिवारवालों ने फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई है।