पिछले माह करीब दौ सौ कैदी छोड़े जा चुक हैं। वर्तमान में झांसी जेल में 1200 कैदी हैं, जबकि क्षमता साढ़े चार सौ कैदियों की है। ऐेसे में ओवरलोड जेल होने के कारण काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। जेल ओवरलोड होने के कारण प्रशासन के सामने हर समय चुनौती बनी रहती है। बैरकें भी पूरी तरह ओवरलोड हैं। जेलों में बढ़ते ओवरलोड के चलते कैदियों में भी कोरोना वायरस का डर सताने लगा है। इसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जेलों से सात-सात साल की सजा वाले कैदियों को छोड़े जाने का आदेश दिया था। पिछले माह भी करीब दो सौ कैदियों को निजी मुचलकों पर छोड़ दिया गया था। इसके बाद पुन: अब जेल प्रशासन ने सवा सौ कैदियों को छोडऩे की तैयारी शुरू कर दी है। जेल प्रशासन ने सभी की सूची तैयारी कर मुख्यालय भेजी थी। ऐसे सभी कैदियों को छोडऩा शुरू कर दिया गया है। सभी को निजी मुचलकों पर छोड़ा जाएगा। जेल प्रशासन ने तैयारियां भी पूरी कर ली है।