अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। समथर थाना इलाके में हो रहे बाल विवाह को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने रुकवा दिया। यहां 15 साल की किशोरी की शादी होने जा रही थी। सीडब्ल्यूसी से मिली सूचना पर पुलिस ने परिजनों को तलब कर बाल विवाह के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणाम बताए। इस पर परिजन मान गए और उन्होंने वर पक्ष को बरात लाने से मना कर दिया।
चाइल्ड लाइन की स्वयंसेवी प्रीति त्रिपाठी ने सीडब्ल्यूसी को सूचना दी थी कि समथर में एक परिवार अपनी नाबालिग बेटी की शादी करने जा रहा है। इस पर सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने यह जानकारी एसएसपी और जिला प्रोवेशन अधिकारी को दी। साथ ही चाइल्ड लाइन टीम को मौके पर जाकर स्थिति को पता लगातार समथर थाने की पुलिस से समन्वय बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने वधू पक्ष को थाने में बुला लिया। जांच में पता चला कि किशोरी कक्षा पांच तक पढ़ी है और आधार कार्ड के हिसाब से उसकी आयु अभी 15 साल ही है। इस पर वधू पक्ष के लोगों को किशोर न्याय अधिनियम व बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी पक्ष की जानकारी दी। समझ में आने पर वधू पक्ष ने किशोरी की शादी करने से पांव पीछे खींच लिए। इसके बाद वधू पक्ष ने अहमदाबाद से आने वाली बरात को यहां आने से रोक दिया और वर पक्ष को किशोरी की आयु 18 साल पूरी होने के बाद ही शादी करने का भरोसा दिया।