कोरोना के दौर में मरीजों को घर बैठे चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ई-संजीवनी सेवा शुरू की गई है। मोबाइल पर इसकी एप्लीकेशन डाउनलोड कर या फिर वेबसाइट पर जाकर मरीज चिकित्सीय परामर्श ले सकते हैं। मरीज के मोबाइल पर ही दवा का पर्चा भेजा जाएगा। कोरोना वायरस के चलते लोगों को अस्पताल के चक्कर न लगाने पड़ें इसलिए सरकार ने यह टेलीमेडिसिन सेवा शुरू की है। इसके तहत जिला अस्पताल में एक हब बनाया गया है। यहां तीन डॉक्टर सहित एक ऑपरेटर की नियुक्ति की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन के लिए कार्यरत डॉक्टर इसके लिए सेवाएं दे रहे हैं। समुदाय प्रक्रिया के क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कोविड-19 के कारण मरीज अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा तैयार किए गए ई-संजीवनी के जरिए ओपीडी सेवा प्रदान करने का फैसला लिया गया है। ई-संजीवनी एप या वेबसाइट के जरिए मरीज खुद का पंजीकरण करके ओपीडी सेवा ले सकते हैं। इस एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है या फिर ई-संजीवनी नाम से वेबसाइट पर जाकर भी सुविधा का लाभ ले सकते हैं। जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उनके लिए उपकेंद्र स्तरीय हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर व एएनएम द्वारा टैबलेट का उपयोग कर ई-संजीवनी की सुविधा प्रदान की जाएगी।