झांसी। पॉलिटेक्निक कॉलेज के परिसर में 23 महीने पहले हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना का एक अक्तूबर को फैसला आने वाला है। इसकी तारीख नजदीक आने के साथ ही जेल में बंद इस घटना के सभी आठों आरोपियों की नींद उड़ गई है। खाना भी वे ठीक ढंग से नहीं खा रहे हैं। सभी के चेहरों में उदासी छाई रहती है। बातचीत भी वे न के बराबर ही कर रहे हैं।
पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में 11 अक्तूबर 2020 को नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। कॉलेज के ही आठ छात्र महोबा के थाना कुलपहाड़ निवासी रोहित कुमार सैनी, थाना ककरबई निवासी भरत कुमार कुशवाहा, गोंडा के थाना बजीरगंज निवासी शैलेंद्र कुमार पाठक, झांसी के थाना टहरौली निवासी मयंक शिवहरे, प्रयागराज के थाना थरवई निवासी विपिन तिवारी, झांसी के थाना मऊरानीपुर निवासी मोनू पार्या, रानीपुर निवासी धर्मेंद्र सेन व महोबा के कुलपहाड़ निवासी संजय कुशवाहा पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगा था। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से सभी झांसी के जिला कारागार में निरुद्ध हैं। अदालत में इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। एक अक्तूबर को अदालत इस मुकदमे का फैसला सुनाने जा रही है। फैसले की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी आठों आरोपियों का व्यवहार एकदम बदल गया है। रात में वे न तो ठीक ढंग से सो रहे हैं और न ही भरपेट खाना खा रहे हैं। सभी के चेहरों पर उदासी छाई रहती है। आपस में व अन्य बंदियों से बातचीत भी वे नहीं कर रहे हैं। अदालत क्या फैसला देने वाली है, उन्हें इस बात की चिंता लगी हुई है।