अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ट्रैफिक पुलिस ने जमकर चालान काटे लेकिन, झांसी के लोगों को इसकी परवाह ही नहीं। ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों को देखने पर पता चलता है कि पिछले सात माह के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने 159819 चालान काटे लेकिन, सिर्फ 4217 लोग ही चालान जमा करने आए। चालान जमा न करने से करीब 24 करोड़ रुपये का शमन शुल्क भी बकाया हो गया।
ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों का चालान अब अत्याधुनिक कैमरों की मदद से ट्रैफिक पुलिस कर रही है। चालान होने पर इसका मैसेज वाहन स्वामी तक पहुंचता है लेकिन, वाहन स्वामी यह चालान जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जनवरी से अब तक कल 159819 चालान ट्रैफिक पुलिस कर चुकी लेकिन, अभी तक महज 4217 चालान ही निस्तारित किए जा सके, जबकि 155602 चालान अभी तक लंबित हैं। इनमें सबसे अधिक चालान फरवरी में किए गए हैं।
0000
समय पर चालान जमा न होने पर उनको कोर्ट भेज दिया जाता है। इसके बाद वाहन मालिक के पास कोर्ट से समन आता है। जब तक वह चालान की राशि जमा नहीं करते तब तक वह वाहन बेच नहीं सकते। प्रदूषण समेत अन्य कागजात भी नहीं बनते।
आलोक अग्रहरि
सीओ ट्रैफिक
इनसेट
माह पुलिस के काटे चालान निस्तारित चालान
जनवरी 24550 955
फरवरी 30140 919
मार्च 27090 608
अप्रैल 22544 720
मई 21098 442
जून 21203 391
जुलाई 13194 182
कुल 159819 4217
इनसेट
चुनावी मुद्दा बनने के बाद भी माफ नहीं हुए चालान
महानगर में धड़ाधड़ हो रहे चालान नगर निगम चुनाव के दौरान चुनावी मुद्दा भी बना। भाजपा उम्मीदवार बिहारी लाल आर्य ने यह चालान माफ कराने का वादा किया था। मतदाताओं ने इस मुद्दे पर उनका समर्थन करते हुए वोट भी दिए लेकिन, करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी अभी तक उनके चालान माफ नहीं हुए। उन्होंने शासन स्तर पर बात करने की बात कही थी लेकिन, मामला जस का तस है। बड़ी संख्या में लोग चालान माफ हो जाने की उम्मीद में इसे जमा नहीं कर रहे हैं।