अपहरण के एक मामले में पुलिस ने बरुआसागर निवासी अजय सोनी (सेठ) को 25 सितंबर 2021 को पूछताछ के लिए बुलाया था। अगले दिन अजय सोनी इलाइट चौकी में फंदे से लटका पाया गया था। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया था। अस्पताल में 51 दिनों तक चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के भाई हेमंत सोनी ने नवाबाद थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिस कर्मचारियों पर भाई की हत्या का आरोप लगाया था।
आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया । इसके लिए वह लगातार जद्दोजहद करते आ रहे थे, लेकिन शनिवार को अचानक उन्होंने अपने कदम वापस खींच लिए। उन्होंने बताया कि आरोपी पुलिस कर्मचारी उसके ऊपर लगातार दबाव बना रहे हैं। झूठे मुकदमे दर्ज कराकर प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है। साथ ही परिवार के व्यवसाय की भी हानि हो रही है। युवक ने अदालत को बताया कि इस स्थिति में वह वाद आगे नहीं चलाना चाहता है। युवक ने बताया कि अब वह इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दाखिल करेगा, जिसके जरिये भाई की हत्या के मामले की सीबीआई या अन्य किसी उच्च स्तरीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की जाएगी।
पुलिस ने गवाह से दर्ज कराया मुकदमा
मृतक के भाई हेमंत सोनी ने बताया कि पुलिस उन पर लगातार दबाव बना रही है। यहां तक कि भाई की मौत के गवाह रविंद्र कुशवाहा पर दबाव बनाकर उनके खिलाफ पैसे के लेनदेन का सीपरी बाजार थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। हालांकि, उन्होंने बताया कि वे इस मुकदमे में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले आए हैं। हाईकोर्ट ने सीपरी बाजार के प्रभारी निरीक्षक को चार सप्ताह में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तक अपनी लड़ाई लगातार जारी रखेंगे।