वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की धरती से राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सशक्त राष्ट्र का मंत्र देते हुए कहा कि एक समय भारत की पहचान हथियार खरीददार देश के रूप में होती थी, मगर आज हिंदुस्तान मेक इन इंडिया और मेक फॉर वर्ल्ड की दिशा में काम कर रहा है। रक्षा मंत्रालय ने 200 से ज्यादा उपकरणों की सूची जारी की है, जो देश से ही खरीदे जाएंगे। इन्हें विदेश से खरीदने पर पाबंदी लगा दी गई है।
पीएम ने डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में मिसाइल कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड के 400 करोड़ के प्लांट का शिलान्यास, नेशनल वॉर मेमोरियल की डिजिटल कियोस्क को लॉन्च किया, साथ ही लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर का मॉडल वायुसेना को सौंपा।
देश की सीमाएं और ज्यादा होंगी सुरक्षित
रानी की जयंती पर किले की तलहटी से अपना संबोधन देते हुए पीएम ने महारानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई से लेकर बुंदेलखंड के वीरों को नमन करते हुए कहा कि बुंदेलखंड यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सारथी की भूमिका निभाने जा रहा है। 400 करोड़ के प्लांट का शिलान्यास हुआ है। इससे यूपी डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड को नई पहचान मिलेगी। भारत को एंटी टैंक मिसाइल के लिए उपकरण मिलेंगे। सीमाओं पर जवानों को नई ताकत मिलेगी। देश की सीमाएं और ज्यादा सुरक्षित होंगी।
युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
उन्होंने कहा कि लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर 16500 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है। इसकी तमाम खूबियां हैं। इसकी साक्षी वीरांगना की धरती झांसी बनी है। ऐसे में एक ओर सेना की ताकत बढ़ रही है तो दूसरी तरफ भविष्य में देश की रक्षा के लिए युवाओं के लिए जमीन तैयार हो रही है। उन्होंने कहा अब और कंपनियां प्लांट लगाने के लिए आगे आएंगी। इससे प्रदेश की उद्योगों के लिए नई संभावनाएं तैयार होंगी। युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
होने लगे प्रगति के बीज अंकुरित
मोदी ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र पहले गलत नीतियों के कारण पलायन से पीड़ित था, वो अब नई संभावनाओं के कारण निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। देश-विदेश से लोग बुंदेलखंड आएंगे। पीएम ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती को कम बारिश, सूखे की वजह से बंजर माना जाने लगा था, यहां आज प्रगति के बीज अंकुरित होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि देश से खरीदे जाने वाले उपकरणों की खरीदी का बड़ा हिस्सा मेक इन इंडिया पर ही खर्च होगा।
वॉर हीरोज को दे सकेंगे श्रद्धांजलि
झांसी में राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल की डिजिटल कियोस्क को लॉन्च करते हुए कहा कि अब लोग शहीदों, वॉर हीरोज को इसके जरिए अपनी श्रद्धांजलि दे सकेंगे। साथ ही भावात्मक रूप से जुड़ सकेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री एनसीसी एल्यूमिनाई एसोसिएशन के पहले सदस्य भी बने।
सैनिक स्कूलों से निकलेंगी रानी लक्ष्मीबाई की तरह बेटियां
पीएम ने कहा कि 100 सैनिक स्कूल खोलने की तैयारी है। ये स्कूल आने वाले समय में देश का भविष्य ताकतवर हाथों में देने का काम करेंगे। 35 सैनिक स्कूलों में इस सत्र से छात्राओं के प्रवेश शुरू हो गए हैं। अब सैनिक स्कूलों से रानी लक्ष्मीबाई जैसी बेटियां निकलेंगी जो रक्षा, सुरक्षा विकास की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाएंगी।