झांसी। दिल्ली और एनसीआर में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश का असर झांसी में भी देखने को मिला। बादलों की आवाजाही होने और हवाएं चलने की वजह से अधिकतम तापमान लुढ़ककर 34 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। कुछ क्षेत्रों में हल्की फुहार भी हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने आगे के दिनों में भी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। पिछले कुछ दिनों से जिले में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने और अच्छी धूप खिलने की वजह से लोगों दिल्ली, एनसीआर में बारिश से सुहावना हुआ झांसी का मौसमको गर्मी का सितम झेलना पड़ रहा था। उमस से लोग पसीना-पसीना हो रहे थे। बृहस्पतिवार को दिल्ली, एनसीआर में हुई बारिश की वजह से मौसम एकदम से पलट गया। अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बादलों की आवाजाही और हल्की सर्द हवाएं चलने की वजह से धूप का ज्यादा असर नहीं हुआ। आईजीएफआरआई के मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि इस सप्ताह बारिश का पूर्वानुमान है। आसमान में बादल भी घिरे रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। फल, सब्जियों के लिए ये ध्यान दें - ग्रीष्म कालीन ग्वार, लोबिया ए कद्दूवर्गीय, तुरई, करेला आदि की बुवाई कर सकते हैं। - कीट नाशक छिड़कने के 8-10 दिन बाद ही सब्जियों को बेचने के लिए तोड़ें। - फरवरी में बोई गई अरबी में केटरपिलर का प्रकोप यदि है तो नीम आधारित कीटनाशक दवा 1 फीसदी का घोल बनाकर छिड़कें। - अमरूद की कटाई छटाई करें, इसके लिए एक वर्ष या उससे पुरानी शाखा को ऊपर से 25-50 भाग कतई करें। - तना भड़क कीट के प्रकोप से बचने के लिए अमरूद, आंवले के तने पर लगे जाल को साफ करके उसमें मिट्टी के तेल या मोनोक्रोटोफॉस दो प्रतिशत घोल का इंजेक्शन लगाए। - आम के फलों को झड़ने से रोकने के लिए थैलों में समुचित नमी बनाए रखें और प्लेनोफिक्स दो मिलीलीटर प्रति तीन लीटर पानी में घोलकर छिड़कें। - सब्जियों में समय-समय पर सिंचाई व उर्वरक का प्रयोग करें। पशुओं के लिए ये ध्यान दें - पशुओं को तेज धूप के बजाए पेड़ की छाया या छप्पर के नीचे बांधें। - पशुओं को दिन में दो से तीन बार साफ और ठंडा पानी पिलाएं। - अप्रैल में गाय-भैंस को खुरपका-मुंहपका व भेड़ों के मेमनों को फड़किया रोग का टीका लगवाएं। - बाह्य परजीवियों जैसे किलनी, जुएं, पिस्सू आदि के संक्रमण की रोकथाम के लिए परजीवीनाशक दवा का प्रयोग करें। - पशुओं के दाने में 50 ग्राम प्रति किलो के हिसाब से खनिज मिश्रण अवश्य मिलाकर खिलाएं।