झांसी में पुष्पेंद्र एनकाउंटर मामले में पुलिस पिछले तीन सालों से घिरी हुई है। हालांकि किरकिरी होने के बाद भी पुलिस अपनों को बचाने की हर संभव कोशिश करती रही। हाईकोर्ट की निगरानी के बाद भी पुलिस अपने कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करने की राह निकालती रही।
इस मामले में हाईकोर्ट ने पुष्पेंद्र यादव की पत्नी शिवांगी यादव की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था लेकिन, जब पुलिस को लगा कि वह फंस जाएगी तब उसने दूसरा रास्ता निकाला और पुष्पेंद्र के चचेरे भाई से तहरीर दिलाकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। शिवांगी के अधिवक्ताओें ने यह बात कोर्ट को बताई। इस पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई। कोर्ट की नाराजगी के बाद आखिरकार पुलिस को इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को मजबूर होना पड़ा।
उधर पुष्पेंद्र एनकाउंटर मामले की जांच अब सीबीसीआईडी के हवाले कर दिया गया है। आरोपी इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद इस पूरे मामले की विवेचना अब सीबीसीआईडी के हवाले कर दी गई है। एसएसपी के मुताबिक सीबीसीआईडी को पूरे मामले से संबंधित दस्तावेज दिए जाएंगे।
राजनीतिक गलियारों में खूब गूंजा था एनकाउंटर मामला
पुष्पेंद्र एनकाउंटर मामला राजनीतिक गलियारों में भी जमकर उछला था। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने के साथ ही दोषियों को सजा दिलाने का एलान किया था। सपा सुप्रीमो ने योगी सरकार पर फर्जी एनकाउंटर कराने का भी आरोप जड़ा था। इस मामले में बसपा एवं कांग्रेस ने योगी सरकार को जमकर घेरा था।
हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक तत्कालीन एसएचओ धर्मेंद्र सिंह चौहान समेत अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। यह रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश कर दी गई है।
राजेश एस, एसएसपी