अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बड़ागांव के पारीछा और बरुआसागर के उजयान गांव को जोड़ने वाला पीपा पुल शुक्रवार की शाम आई तेज आंधी की वजह से बेतवा नदी में दो किलोमीटर दूर तक बह गया। पुल पर फंसे तीन ग्रामीणों को रेस्क्यू कर बचाया गया। गनीमत रही कि पुल टूटने के दरम्यान उस पर वाहनों का ज्यादा आवागमन नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि, पुल बहने की वजह से नदी के दोनों ओर के 25 गांवों का संपर्क टूट गया।
शुक्रवार की शाम तकरीबन पांच बजे आई तेज आंधी की वजह से बेतवा नदी पर पारीछा और उजयान गांव को जोड़ने वाले पीपा पुल की रस्सियां टूट गईं और पुल नदी के बहाव में दो किलोमीटर तक बहकर पारीछा प्लांट के पास जाकर ठहर गया। उस समय पुल से एक बाइक पर ग्राम पारीछा निवासी प्रदीप व मूलचंद्र और दूसरी बाइक पर उजयान निवासी मुकेश गुजर रहा था। तीनों पुल के ऊपर फंसकर रह गए। एक बाइक भी नदी में गिर गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और दमकल दस्ते को भी बुला लिया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजकिशोर राय की अगुवाई में तकरीबन डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद तीनों ग्रामीणों को नाव के सहारे बाहर निकाल लिया गया। नदी में गिरी बाइक भी कांटे के सहारे बाहर निकाल ली गई। हालांकि, पुल बहने की वजह से बड़ागांव और बरुआसागर थाना इलाके के 25 गांव बाबरगढ़, भीतरी, बिजोर, इटोरा, खड़ेसर, पारीछा, बराठा, बड़ागांव, धमना, बारेई, तारोल, बेरीतालपुरा, सिकरी, इटवां, पारी, करगुवां, सकूली, डाबर, ढबारा, भर्रोल, बागार, तैंदोल, तिलैथा, बावई व पुतरीखेरा का संपर्क टूट गया। अब इन गांवों के ग्रामीणों को आवागमन के लिए लगभग तीस किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना होगा। रेस्क्यू के दौरान एसडीएम सदर परमानंद, मऊरानीपुर विधायक प्रतिनिधि पप्पू सेठ, बरुआसागर थाना प्रभारी अंतरिक्ष जैन, बड़ागांव थानाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह अपनी टीमों के साथ मौजूद रहे।
बता दें कि पीपा पुल के ऊपर से दिन भर दोपहिया-चौपहिया वाहनों व ट्रैक्टरों का आवागमन होता रहता है। गनीमत रही कि पुल बहने के दरम्यान उस पर से केवल दो बाइक ही गुजर रहीं थीं। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
जगह-जगह गिरे पेड़, पुस्तकालय भरभराकर गिरा
झांसी। बृहस्पतिवार की शाम अचानक आई तेज आंधी की वजह से जगह-जगह पेड़ गिर गए। पुनावली कला गांव में पेड़ गिरने की वजह से पास में बंधी सुरेंद्र राजपूत की भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा गांव में बने पुस्तकालय की दीवार और छत भी भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। ब्यूरो